डायबिटीज अब गांवों में पसार रहा है अपने पैर
Editor : Mini
 16 Sep 2018 |  118

गाजियाबाद।
जिले के 100 गांवों में कैंप आयोजित करने का है लक्ष्य
गाजियाबाद साइकिल क्लब ने "स्वस्‍थ गांव" की मुहिम रहीसपुर गांव से शुरू की। रहीसपुर ग्राम पार्षद मनोज चौधरी के सहयोग से साइकिल क्लब ने गांव के अंबेडकर हाईस्‍कूल में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया। इस शिविर का संचालन डॉक्टर पारुल अग्रवाल ने किया और उन्होंने कैंप में आए लोगों को स्वस्‍थ रहने का टिप्स भी दिया। यह आयोजन काफी सफल रहा और इसमें लगभग 300 लोगों ने हिस्सा लिया। कैंप में बच्चों से लेकर 97 साल तक के बुजुर्गों ने अपना स्वास्‍थ्य जांच करवाया।

डायबिटीज अब गांवों में पसार रहा है अपने पैर
पहले गांव के लोग बहुत हेल्दी होते थे लेकिन शहरीकरण के इस युग में अब ज्यादातर लोग खराब दिनचर्या के चलते बीमारी का शिकार होते जा रहे हैं। इस कैंप में आए 300 में से लगभग 60 फीसदी लोगों में डायबिटीज के लक्षण मिले। सबसे खास बात ये थी कि इन लोगों को पता भी नहीं था कि ये डाय‌बिटीज की चपेट में आ रहे हैं। डॉ पारुल अग्रवाल ने बताया कि लोग व्यायाम से दूर हो रहे हैं और शहर से सटे गांवों में खेती-बाड़ी का उतना काम नहीं होता है जिसके चलते लोग डाय‌बिटीज के शिकार हो रहे हैं। डॉ पारुल अग्रवाल ने लोगों को डायबिटीज से बचने के लिए जरूरी टिप्स भी दिया। उन्होंने कहा कि व्यायाम व संयमित खान-पान ही आपको इस जटिल बीमारी से दूर रख सकता है।

पार्षद का कहना
रहीसपुर के पार्षद मनोज चौधरी ने गाजियाबाद साइकिल क्लब का धन्यवाद करते हुए कहा कि ये हमारे ‌लिए सौभाग्य की बात है कि साइकिल क्लब हमारे गांव में इस तरह का चिकित्सा कैंप लेकर आया। भविष्य में जब भी कोई जरूरत पड़ेगी हम ऐसे आयोजनों का अपना सहयोग देंगे। ऐसे कैंप लोगों को स्वास्‍थ्य के प्रति जागरूक करने में मदद करते हैं। अभी गांवों में लोग उस स्तर पर अपने स्वास्‍थ्य को लेकर सचेत नहीं रहते जितना उन्हें रहना चाहिए। गाजियाबाद साइकिल क्लब की मुहिम "स्वस्‍थ गांव" एक बढ़िया मुहिम है और हम इसकी सराहना करते हैं।

जीसीसी का कहना
इस आयोजन के बारे में अपनी बात रखते हुए गाजियाबाद साइकिल क्लब के फाउंडर अमित द्विवेदी ने बताया कि,"इतना सबकुछ विकास होने के बावजूद हमारे गांव स्वास्‍थ्य के स्तर पर काफी पीछे हैं। शुगर भी एक गंभीर बीमारी हो सकती है इसके बारे में बहुत से लोगों को जानकारी नहीं है। गांवों को करीब से समझना है तो साइकिल चलाने की जरूरत है। साइकिल चलाते हुए हमने कई ऐसे गांवों की सूची तैयार की है जहां पर कभी इस तरह के कैंप आयोजित ही नहीं किए गए। इसको देखते हुए हमने "स्वस्‍थ गांव" नाम की एक मुहिम शुरू की जिससे गांव में रहने वालों को कम से कम जरूरी स्वास्‍थ्य संबंधी जानकारियां पहुंचाई जा सकें। रहीसपुर गांव में जिस तरह से लोगों की भी उमड़ी है वो इस बात का प्रमाण है कि हमें अपनी बेसिक स्वास्‍थ्य सेवाओं को अभी और दुरुस्त करने की जरूरत है।"
इस अवसर पर गाजियाबाद साइकिल क्लब की ओर से विशाषा शुक्ला, आयुष श्रीवास्तव, विवेक सोलंकी, विवेक मित्तल, विवेक कुमार, महावीर सिंह, कपिल वोहरा सहित कई लोग उपस्थित रहे।


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