
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 11 मार्च को तीस हजारी कोर्ट परिसर में कैंसर जागरूकता प्रिवेंशन एंड स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा
नई दिल्ली, 07 मार्च 2026:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 11 मार्च 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर में कैंसर अवेयरनेस, प्रिवेंशन एंड स्क्रीनिंग (CAPS) कैंप आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कैंसर की समय पर जांच व शुरुआती पहचान को प्रोत्साहित करना है।
इस कैंप में खास तौर पर स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों, रोकथाम और समय पर जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। कैंप में स्तन और सर्वाइकल कैंसर की मुफ्त जांच, मैमोग्राफी, एचपीवी-डीएनए टेस्टिंग, विशेषज्ञों से परामर्श, ब्रेस्ट सेल्फ-एग्ज़ामिनेशन सत्र तथा जागरूकता और शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. प्रज्ञा शुक्ला, विभागाध्यक्ष (क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी, DSCI) ने कहा,”अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। स्तन और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में से हैं, लेकिन नियमित जांच और समय पर पहचान से इन्हें काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति सजग बनाना है।”
डॉ. विनोद कुमार, निदेशक, DSCI ने कहा,”महिलाओं के स्वास्थ्य और कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। कार्यस्थलों पर इस तरह के कैंप आयोजित करने से लोगों तक सही जानकारी और समय पर जांच की सुविधा पहुंचती है, जिससे बीमारी की जल्द पहचान और बेहतर इलाज संभव हो पाता है।”
कैंप के दौरान मैमोग्राफी के लिए 15 स्लॉट तथा एचपीवी-डीएनए सेल्फ टेस्टिंग के 50 किट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होंगे। कैंप के लिए रजिस्ट्रेशन 10 मार्च को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा और रजिस्ट्रेशन के समय स्टाफ आईडी दिखाना अनिवार्य होगा।
यह कैंप विशेष रूप से कोर्ट स्टाफ के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कैंसर की रोकथाम और समय पर जांच को बढ़ावा देना है।