
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
112 साल पुराने मेडिकल संगठन डीएमए के अध्यक्ष पद के लिए 63 साल बाद किसी महिला का चयन किया गया है। डीएमए की सालाना बैठक के बाद डॉ नीलम लेखी को डीएमए के अध्यक्ष पद के लिए चयनित किया गया। संगठन की सालाना बैठक 31 मार्च को डीएमए हाउस दरियागंज में आयोजित की गई।
डॉ नीलम लेखी इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ईस्ट दिल्ली शाखा के लिए पहली महिला अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल चुकी हैं। डॉ नीलम लेखी के साथ डीएमए के अन्य सदस्यों में डॉ विपिन्दर सबरवाल को स्टेट सचिव, डॉ रमिन्दर पोपली को वित्त सचिव, डॉ एसके पोद्दर चयनित अध्यक्ष और डॉ पूनम गोयल को वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए चुना गया है।
डॉ नीलम लेखी का विजन चिकित्सीय संगठन के रूप में डीएमए की एकता और गरिमा को बनाए रखना है, इसके साथ ही मेडिकल जगत की कम्यूनिटी के विकास और वेलफेयर के लिए काम करना है। डॉ नीलम ने कहा कि उनका दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए वह दिल्ली सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी, इसके साथ लंबे समय से लंबित मुद्दे जैसे नर्सिंग होम पंजीकरण, फायन एनओसी, पीसी पीएनडीटी एक्ट से जुड़ी समस्याएं, रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याएं आदि विषयों पर काम करने के लिए डॉ नीलम ने एक व्यापक रणनीति बनाए जाने की बात कही। उन्होंने एनीमिया फ्री इंडिया, ब्रेस्ट एंड सर्विकल कैंसर जागरूकता और बचाव के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सीपीआर प्रशिक्षण पर जोर दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए अनियमित दिनचर्या से जुड़ी समस्याएं जैसे मोटापा, डायबिटिज, आर्थराइटिस पर जागरूकता बढ़ाना डीएमए के विशेष उद्देश्यों में शामिल किया जाएगा।