
गोरखपुर में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की सड़क दुर्घटना में मौत पर इंटर्न डॉक्टर्स ने जताया गुस्सा
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
गोरखपुर में एमबीबीएस के छात्र आकाश पांडेय की सड़क हादसे में मौत के बाद डीएमए (डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन ) ने गहरा शोक व्यक्त किया है, और सरकार से हादसे की सघन जांच करने की बात कही है। डीएमए ने जारी एक प्रेस रिलीज में कहा कि तृतीय वर्ष के मेडिकल छात्र आकाश पांडे की मार्ग दुर्घटना में मौत एक बेहद दुखद घटना है।
डीएमए के प्रतिनिधि डॉ सूरज चौहान, डॉ इश्मीत कौर, डॉ भारत गुप्ता, डॉ आर्यन श्रीवास्तव और डॉ हर्ष जायसवाल ने घटना पर शोक व्यक्त हुए कहा कि डॉ आकाश पांडे की आस्मयिक मौत मेडिकल फेटरनिटी के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण है, डीएमए ने मामले पर प्रदेश सरकार की त्वरित कार्रवाई को संतोषजनक बताते हुए संबंधित अधिकारियों से अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और निष्पक्ष जांच करने की मांग की। इससे साथ ही डीएमए ने निर्धारित समय में जांच प्रक्रिया पूरी होने की भी अपील की, जिससे मृतक के परिजनों को सही समय पर न्याय मिल सके। हालांकि इंटर्न डॉक्टर्स का एक समूह मामले की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में करने की भी मांग कर रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के छात्रों ने इसके लिए घटना के कुछ दिन बाद ही मेडिकल कॉलेज के गेट पर धरना भी दिया छात्रों ने एसयूवी चालक और आरोपी गोल्डन साहनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
मालूम हो कि धरने में शामिल छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में सत्ता के दबाव में काम कर रहा है। उनका कहना है कि अगर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। छात्रों ने कहा कि यह सिर्फ एक छात्र की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और न्याय से जुड़ा गंभीर सवाल है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए।
35 से अधिक चालान के बावजूद नहीं जब्त हुई गाड़ी
छात्रों ने आरोप लगाया कि जिस गाड़ी से आरोपी गोल्डन सहानी चल रहा था, उस पर पहले से करीब 35 से अधिक चालान थे। इसके बावजूद गाड़ी जब्त नहीं की गई। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब गाड़ी पर इतने चालान थे तो पुलिस ने पहले ही सख्ती क्यों नहीं दिखाई। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था। छात्रों का कहना है कि हादसे के समय आरोपी गोल्डन सहानी के शरीर में 55 प्रतिशत से अधिक शराब पाई गई थी। उनका आरोप है कि नशे की हालत में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें आकाश पांडेय की जान चली गई। छात्रों ने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी नशे में वाहन चलाने की हिम्मत न करे।