
- मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ मेडिकल इनोवेशन सेंटर
नई दिल्ली
स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकि के प्रयोग से इलाज के सस्ते और बेहतर विकल्प पैदा हुआ, मेडिकल जगत के लिए इनोवेशन या नवाचारों का प्रयोग मरीजों के लिए कई तरह की परेशानियों का हल करता है। बेहतर, सुगम, सटीक और किफायती तकनीकि सुविधाओं का प्रयोग मेडिकल क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा हो सके, इसके लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एमआईसी यानि मेडिकल इनोवेशन सेंटर की शुरूआत की गई है। आईआईटी दिल्ली व आईएचएफसी के साक्षा प्रयास से शुरू इस सेंटर के लिए मंगलवार को समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
दिल्ली आईआईटी के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब और आईहब फाउंडेशन ऑफ कोबोटिक्स क्लीनिकल रिसर्च के क्षेत्र में पारंपरिक प्रयोगों की जगह नवाचारों को बढ़ावा देता है। जिससे देश में बेहतर, सस्ती, गुणवत्ता परक और स्वास्थ्य समाधानों का प्रयोग किया जा सके। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल इनोवेशन सेंटर की शुरूआत मेडिकल जगत में इंजीनियरिंग, मेडिसिन और उद्यमिता के साक्षा प्रयास को बढ़ावा देगा। जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान एक ही जगह किया जा सके।
इस अवसर पर बोलते हुए एमएएमसी की डीन डॉ पूनम नारंग ने बताया कि एमआईसी की शुरूआत होना हमारे बेहतर और गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के संकल्प को भी दर्शाता है। आईएचएफसी-आईआईटी की एमएएससी के साथ इस संयुक्त साझेदारी का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलेगा और यह हमारे लिए गर्व की बात है। आईएचएफसी के निदेशक प्रोफेसर एसके साहा ने कहा कि एमआईसी के साथ यह साझेदारी साइबर फिजिकल सिस्टम में नवाचारों को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय अभियान का समर्थन करती है, मेडिकल तकनीकि, इनोवशन, मेडिकल क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए छात्रों के सुझावों व नवाचारों पर काम करने आदि प्रयासों से लोगों का जीवन बेहतर होगा।
एमआईसी के निर्माण के पीछे मुख्य भूमिका निभाने वाले प्रोफेसर अनुराग मिश्रा ने बताया कि एमआईसी, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, डिजिटल स्वास्थ्य और नवाचारों को प्रमुखता देगा, चिकित्सा उपकरणों का डिजाइन, प्रोटोटाइप और नैदानिक सत्यापन के साथ ही इनोवेशन में फेलोशिप और व्ययवासिक प्रशिक्षण देना भी एमआईसी के कार्यक्षेत्र में शामिल होगा। इसके साथ ही एमआईसी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और चिकित्सा विकास के लिए उद्योगिक और एकेडमिक साझेदारी भी करेगा। भारत जैसे सघन आबादी और मध्यम आकार के देशें की स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रूप से सीमित संसाधानों में सहयोगात्मक और किफायती इलाजों के उपयोग को ढूंढना प्रमुख होगा।
इस अवसर पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर, प्रोफेसर, अधिकारी और मेडिकल छात्र उपस्थित थे।