
सुप्रीम कोट ने 11 अगस्त 2025 के आदेश में संशोधन करते हुए एक नया संतुलित फैसला सुनाया है, जो जन सुरक्षा और पशु कल्याण—दोनों को ध्यान में रखता है।
⚖️ संशोधित आदेश के मुख्य बिंदु
🐶 नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को वापस छोड़ा जाएगा
– अब आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जा सकेगा।
– रेबीज से संक्रमित या अत्यधिक आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
🚫 सार्वजनिक स्थानों पर खाना खिलाने पर रोक
– सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी।
– इसके लिए निर्धारित फीडिंग ज़ोन बनाए जाएंगे, ताकि व्यवस्था बनी रहे।
🏛️ स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय
– कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-NCR की एजेंसियों की निष्क्रियता के कारण यह समस्या बढ़ी।
– अब उन्हें Animal Birth Control (ABC) नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
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🔍 पृष्ठभूमि
– 11 अगस्त को कोर्ट ने आदेश दिया था कि सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए।
– इस आदेश के खिलाफ पशु अधिकार संगठनों और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किए, और कोर्ट से पुनर्विचार की मांग की थी।
स्त्रोत- नवाचार डिजिटल समाचार एजेंसी

Senior Correspondent