खाली पेट नहीं करना चाहिए कॉफी का सेवन- आयुर्वेद

According to Ayurveda, coffee is considered a beverage that increases bile and vata in the body, but that too only when it is consumed directly on an empty stomach.
According to Ayurveda, coffee is considered a beverage that increases bile and vata in the body, but that too only when it is consumed directly on an empty stomach.

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

सुबह की शुरुआत अक्सर लोग कॉफी से करते हैं और आज के समय में यह लोगों की जीवन शैली का हिस्सा बन गई है। आजकल, लोग तनाव कम करने और सिरदर्द से राहत पाने के लिए कॉफी पर अत्यधिक निर्भर रहने लगे हैं। हालांकि, कॉफी का सेवन कब किया जाए और इसे पीने वाले व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य कैसा है, यही कारक कॉफी के फायदे और नुकसान दोनों का निर्धारण करते हैं। यह जानना महत्वपूर्ण है कि कॉफी के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू क्या हैं। आज हम कॉफी के फायदे और नुकसान दोनों पर नजर डालेंगे।

आयुर्वेद के अनुसार कॉफी को शरीर में पित्त और वात बढ़ाने वाले पेय पदार्थ के रूप में देखा जाता है, लेकिन वो भी तब, जब इसे सीधा खाली पेट लिया जाए। खाली पेट लेने पर कॉफी शरीर को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि ये बात भी ध्यान रखने वाली है कि कॉफी का असर हर किसी के शरीर पर समान तरीके से नहीं होता है। आयुर्वेद के अनुसार जिन लोगों को गैस, पित्त, घबराहट, हाई बीपी और नींद न आने की परेशानी होती है, उन्हें कॉफी का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। कॉफी का सेवन उन उन्हीं लोगों को करना चाहिए जिन्हें कफ की समस्या हो, काम में फोकस करने में परेशानी होती हो, और सुबह शरीर सुस्ती के साथ उठता हो। कॉफी शरीर और दिमाग को तुरंत ऊर्जा देने का काम करती है, जिससे सुस्ती कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है। इसके साथ ही कॉफी शरीर को डिटॉक्स करने का भी काम करती है। अगर आंतों में गंदगी है, तो कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। कॉफी के सेवन का तरीका भी उसके होने वाले फायदे और नुकसान को प्रभावित करता है। आयुर्वेद कहता है कि कभी भी कॉफी का सेवन सुबह खाली पेट नहीं करना चाहिए। उससे पहले कुछ खा लें या कुछ हेल्दी पेय पदार्थ पी लें। इसके अलावा, पूरे दिन में एक कप से ज्यादा कॉफी न पीएं और रात के समय कॉफी पीने से परहेज करें। कॉफी पीने के बाद थोड़ी वॉक करना लाभकारी होता है और अगर कॉफी में इलायची और कम मीठे का इस्तेमाल किया जाए, तो ये पित्त को कम करने में मदद करती है। अब सवाल आता है कि किस तरह की कॉफी का सेवन करना चाहिए। एक सीमित मात्रा में ब्लैक कॉफी ली जा सकती है। इसके अलावा, हल्की रोस्टेड कॉफी और बिना चीनी की कॉफी का सेवन करना अच्छा रहेगा।

–आईएएनएस

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