सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है घुटनों का दर्द? जानिए कारण और आयुर्वेदिक इलाज

Why does knee pain increase in winters? Learn the causes and Ayurvedic remedies
Why does knee pain increase in winters? Learn the causes and Ayurvedic remedies

नई दिल्ली,

सर्दियों के मौसम में बहुत से लोगों को घुटनों के दर्द और जोड़ों की जकड़न की समस्या सताने लगती है, खासकर बुजुर्गों, आर्थराइटिस के मरीजों और उन लोगों को जो पहले से जोड़ों की परेशानी झेल रहे होते हैं। ठंड बढ़ते ही ऐसा लगता है जैसे घुटनों में जंग लग गई हो, उठना-बैठना और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। इसके पीछे सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले कई बदलाव जिम्मेदार होते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में वायुमंडलीय दबाव यानी बैरोमेट्रिक प्रेशर कम हो जाता है। इससे जोड़ों के आसपास मौजूद टिश्यू में सूजन बढ़ सकती है, जिससे दर्द और अकड़न महसूस होती है। साथ ही ठंड के कारण ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। घुटनों में मौजूद सायनोवियल फ्लूइड, जो जोड़ों को चिकनाई देता है, ठंड में गाढ़ा हो जाता है। नतीजा यह होता है कि जोड़ों की मूवमेंट कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है। इसके अलावा सर्दियों में धूप कम मिलने से विटामिन-डी की कमी भी हो जाती है, जो हड्डियों और जोड़ों को कमजोर बना देती है। आयुर्वेद इसे वात दोष के बढ़ने से जोड़कर देखता है। आयुर्वेद के अनुसार ठंड और सूखे मौसम में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में रूखापन, दर्द और जकड़न आने लगती है। शरीर में मौजूद श्लेषक कफ, जो जोड़ों को प्राकृतिक रूप से चिकनाई देता है, वात के बढ़ने से सूखने लगता है। यही वजह है कि सर्दियों में घुटनों की समस्या ज्यादा महसूस होती है।आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू उपाय इस दर्द में काफी राहत दे सकते हैं। सबसे आसान और असरदार उपाय है दर्द निवारक आर्युवेदिक उपायों को अपनाना, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि दर्द को खत्म करने के लिए अत्यधिक पेन किलर दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, यह किडनी और लिवर को खराब करते हैं।

रोजाना डॉ क्योर तेल को घुटने पर हल्के हाथ से लगाने से जोड़ों में गर्माहट होनी शुरू हो जाती है, क्योंकि इसमें पेपरमेंट और मेंथॉल नहीं है तो इसलिए यह ठंडा या गरम नहीं लगता, इसके औषधिय गुण नसों में रम जाते हैं, यह उड़ता नहीं नसों में रम जाता है, जिससे जकड़न कम हो जाती है। इसके साथ-साथ सर्दियों में गुनगुना पानी पीना, धूप में रोज कुछ देर बैठना और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है। इसके अलावा, ठंडी फर्श पर बैठने, नंगे पैर चलने और ठंडे खाने से बचना चाहिए। अगर दर्द ज्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर रहता है।

 

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