
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी आईसीयू का उद्घाटन
नई दिल्ली
जन्म के समय कई बार शिशु श्वांस संबंधी ऐसी परेशानियां लेकर पैदा होते हैं, जिन्हें तुरंत आईसीयू की जरूरत होती है। फेफड़े की अनुवांशिक पैदाइशी बीमारी हो या फिर प्री मैच्योर नवजात शिशु या कम वजन का शिशु ऐसी अवस्था में नवजात की सांसों को बांध कर रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में देश में पहली बार पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी आईसीयू का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया, जहां नवजात की सांसों को उखड़ने से बचाया जा सकेगा।
अटल बिहारी बाजपेई आयुर्विज्ञान संस्थान और राम मनोहर लोहिया अस्पताल नई दिल्ली में शुक्रवार को पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी आईसीयू की औपचारिक शुरूआत निदेशक डॉ अशोक कुमार द्वारा की गई। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ विवेक दीवान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बाल चिकित्सा विभाग अध्यक्ष डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि इस तरह की सुविधा संपूर्ण दिल्ली में किसी अन्य सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। फेफड़ों की अनुवांशिक पैदाइशी बीमारियों से लेकर अन्य गंभीर बीमारियों के लिए जांच एवं इलाज हेतु आईसीयू की आवश्यकता होती है।
डिवीजन पीडियाट्रिक पल्मनोलॉजी मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ और फैमिली वेलफेयर द्वारा सन 2019 में राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बाल रोग विभाग हेतु सैंक्शन किया गया था। इसके अंतर्गत विभाग में श्वसन एवं फेफड़े के जटील रोगों के इलाज के लिए संपूर्ण व्यवस्था है। ब्रोंकोस्कॉपी लैब, स्लीप लैब और फेफड़ों की बीमारी का स्पेशल क्लीनिक की व्यवस्था है। आईसीयू की व्यवस्था पूरी हो जाने से अब बच्चों के इलाज और सुगम हो जाएगा।
डॉ हेमा गुप्ता मित्तल इंचार्ज पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी डिवीजन ने बताया कि इस व्यवस्था से दिल्ली और उत्तर भारत के फेफड़ों की समस्याएं से ग्रसित बच्चों के लिए स्पेशलाइज्ड केयर और आईसीयू की सुविधा सुगम हो जाएगी और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स का एकेडमिक प्रोग्राम और ट्रेनिंग स्किल भी बेहतर होगी.