दिल्ली में थे मरीज, गुजरात के वापी से हो गई रोबोटिक सर्जरी   

Sir Gangaram Hospital performed robotic telesurgery from Delhi by a surgeon operating from Vapi, Gujarat, 1200 kilometers away.
Sir Gangaram Hospital performed robotic telesurgery from Delhi by a surgeon operating from Vapi, Gujarat, 1200 kilometres away.

– सर गंगाराम अस्पताल ने 1200 किलोमीटर दूर गुजरात के वापी से संचालित सर्जन ने दिल्ली से की रोबोटिक टेली सर्जरी

नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता

चिकित्साजगत में तकनीकि के इस्तेमाल से इलाज अधिक बेहतर और सुगम हो रहा है। टेलीमेडिसिन के बाद अब देश के डॉक्टर सफलतापूर्वक टेलीसर्जरी को भी अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में रोबोटिक टेलीसर्जरी का नाम दर्ज हो गया है। सर गंगाराम अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने गुजरात के वापी से रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का प्रयोग करते हुए 1200 किलोमीटर दूर सरगंगाराम अस्पताल में भर्ती मरीज का इलाज किया। रोबोटिक टेलीसर्जरी की मदद से 24 घंटे के भीतर यूरोलॉजी और जनरल सर्जरी की चार जटिल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संचालित किया।

सर गंगाराम अस्पताल के बोर्ड ऑफ मैनजमेंट के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप ने बताया कि रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का टेलीसर्जरी में प्रयोग यह दर्शाता है कि सरगंगाराम अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक उन्नत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। गुजरात के वापी से सर्जरी के दौरान रोबोट को संचालित कर रहे डॉ विपिन त्यागी (यूरोलॉजिस्ट एंड रीनल ट्रांसप्लांट, कोऑडिनेटर रोबोटिक सर्विस) ने बताया कि टेलीसर्जरी में सर्जन भले ही दूर हो लेकिन सर्जरी को बेहद सफलतापूर्वक तरीके से अंजाम दिया जाता हैं, डॉ विपिन ने बताया कि इसके लिए पहले प्रायोगिक डेमो किया गया, क्योंकि कई बार दूर किसी जगह चिकित्सक के संदेश को पहुंचे में कुछ सेंकेंड की देरी हो सकती हैं, इस पूरी प्रक्रिया में संवाद और इंटरनेट का प्रयोग बेहद अहम होता है, जिसके लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवा के लिए समर्पित सेटेलाइट सिग्नल का प्रयोग किया जाता है। सरगंगाराम के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और रोबोटिक सर्जरी के निदेशक डॉ अजय शर्मा ने बताया कि इस तरह की सर्जरी के लिए रियल टाइम कम्यूनिकेशन बहुत जरूरी है, इसके लिए पहले डेमो किया गया, संदेशों के आदान प्रदान में थोड़ी सी भी देरी से मरीज को नुकसान पहुंच सकता था। साथ ही कुशल प्रशिक्षित चिकित्सक की टीम दूसरी अहम पहलू और क्योंकि हम रोबोट को नियंत्रित कर रहे होते हैं, हमारे हाथ में औजार नहीं होते, इसलिए सही संचालन एक कुशल चिकित्सक की ही जिम्मेदारी होती है। डॉ अजय ने बताया कि प्रसव या डिलिवरी सहित कई गंभीर प्रक्रियाओं को यदि छोड़ दिया जाएं तो अधिकांश शल्य प्रक्रियाओं में रोबोटिक टेली सर्जरी का प्रयोग किया जा सकता है। ऑपरेशन की टीम में डॉ विपिन त्यागी और डॉ अजय शर्मा सहित डॉ तरून मित्तल, डॉ अनमोल आहूजा, डॉ आशीष डे तथा डॉ मुकुंद खेतान शामिल थे। मालूम हो कि सर गंगाराम डीएनबी कार्यक्रम के माध्यम से हर साल कुशल रोबोटिक सर्जन्स की टीम तैयार कर रहा है, जो भविष्य अधिक बेहतर रोबोटिक सर्जरी को अंजाम देगें।

 

क्या है रोबोटिक टेलीसर्जरी का फायदा

  • मरीज को अधिक यात्रा नहीं करनी पड़ती
  • जहां मरीज हो, वहीं उन्नत तकनीक का प्रयोग कर सर्जरी की जा सकती है
  • मरीज का सर्जरी पर होने वाला खर्च बचता है
  • रोबोटिक सर्जरी में रक्तप्रवाह कम होता है
  • जहां सर्जन के हाथ नहीं पहुंचते वहां रोबोटिक सी आम्र्स पहुंच जाते हैं, जिससे अधिक सटीक सर्जरी होती है।

रोबोटिक मिजो एंडो 4000 से बेहतर परिणाम

इसे रोबोटिक सर्जरी में सबसे उन्नत तकनीक माना जाता है। जो एआई की दक्षता के साथ संचालित की जाती है। थ्री डी एनाटॉमिकल और ए आई दक्षता के साथ मिला एंडो फाइव जी इंटरनेट स्पीड के साथ अधिक बेहतर परिणाम देने में सक्षम है। इससे भविष्य में ग्रामीण क्षेत्र में भी सर्जरी के अधिक बेहतर परिणाम को प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

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