अमेरिका में फैल रहा है कोविड का नया वेरिएंट बीए थ्री टू

A new Covid variant is spreading across the U.S. and it may be able to evade protection from current vaccines.
A new Covid variant is spreading across the U.S. and it may be able to evade protection from current vaccines.
  • कोविड की वर्तमान वैक्सीन गच्चा दे सकता है नया वेरिएंट

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

ईरान, अमेरिका और इजराइल युद्ध के बीच एक और डराने वाली खबर सामने आई है, दरअसल अमेरिका में एक नये तरह का कोविड वेरिएंट पांव पसार रहा है, जो कोविड की वर्तमान वैक्सीन को गच्चा दे सकता है मतलब इस नये वेरिएंट पर कोविड की मौजूदा वैक्सीन कारगर नहीं होगी। इसे बीए, थ्री टू नाम दिया गया है, जिसे अमेरिका में एक यात्री के नाम के स्वाब के सैंपल में देखा गया है, इसके साथ ही नये वेरिएंट के पांच और मरीज देखे गए हैं। अमेरिका के बीस स्टेट के 132 वेस्ट वॉटर सैंपल और वाटर सीवरेज में वायरस पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का असर पहचान किए गई जगहों से कहीं जगहों पर भी हो सकता है, जिसकी जांच होना अभी बाकी है।

कोरोना के ओमीक्रान फैमिली से ताल्लुक रखने वाले बीए, थ्रीटू की पहचान सबसे पहले वर्ष 2024 में साउथ अफ्रीका में हुई थी, जबकि जून 2025 में इसे अमेरिका में देखा गया, जो नीरदलैंड के एक यात्री द्वारा अमेरिका पहुंचा था। अमेरिका में पिछले साल सिंतबर महीने में इस वैरिएंट की पहचान हुई जो अब 23 से अधिक देशों में फैल चुका है। प्रारंभिक जांच में वेरिएंड का विस्तार बीए टू 86 की तरह देखा गया, जिसका असर वर्ष 2024 में कुछ राज्यों में देखा गया था, बाद में यही वेरिएंट जेएनवन में तब्दील हो गया, जोकि कोविड वायरस की फैमिली का ही सदस्य है। लेकिन नया कोविड वेरिएंट जेएन वन और इसके समूहों से काफी अलग है, जनवरी 2024 में भी अमेरिका में कुछ जगहों पर इसके मरीज देखे गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार बीएथ्री टू परिवार के वेरिएंड के स्पाइस प्रोटीन में 70 से 75 प्रतिशत यह संभावना रहती है कि वह मानव शरीर की सेल्स में कोरोना वायरस की तरह प्रवेश कर अपनी संख्या बढाने में सक्षम हैं। जिससे यह वायरस आसानी से मानव शरीर में बढ़ने लगता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को आसानी से गच्चा दे सकता है।

अब तक प्राप्त अध्ययन के अनुसार बीएथ्रीटू स्ट्रेन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और एंटीबॉडी के रक्षा कवच को आसानी से बेअसर कर सकता है, इसलिए यह कहा जा सकता है कि कोविड वैक्सीन भी इसके लिए कारगर नहीं होगी। हालांकि कोविड वायरस की खिलाफ तैयार की गईं एमआरएनए वैक्सीन को कुछ हद तक वायरस के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे इससे पहले जेएन वन स्ट्रेन को न्यूट्रलाइज करने के लिए प्रयोग किया गया था, लेकिन वर्तमान बीए थ्री टू वायरस पर इसके प्रभाव के परिणाम अभी आने बाकी हैं।

कितना खतरनाक है वायरस

अमेरिकी मीडिया और सेंटर फॉर डिसीस कंट्रोल सीडीसी के अनुसार वायरस से पॉजिटिव पाए गए मरीजों को कुछ ही दिन में अस्पताल से छुट्टी दे गई है, ओमीक्रान समूह का होने के कारण इसे अधिक जानलेवा नहीं कहा जा सकता, दिसंबर और जनवरी महीने में पॉजिटिव देखे गए मरीजों का स्वास्थय अब ठीक है, हालांकि विशेषज्ञों ने कहा है कि कोविड को एंडेमिक माना गया, और इसी परिवार के कई वेरिएंट म्यूटेड होकर निरंतर हवा में फैलते रहते हैं, हालांकि इनके प्रोटीन में अधिक बदलाव नहीं होता, बावजूद इसके यदि म्यूटेशन खतरनाक हुआ तो यह कोरोना वायरस से भी अधिक जानलेवा हो सकते हैं, इस लिए म्यूटेशन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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