दिल्ली पुलिस और iLive Connect का करार, जागरूकता के ज़रिए हृदय की बीमारी पर होगा वार

Agreement between Delhi Police and iLive Connect, there will be a campaign on heart disease through awareness
Agreement between Delhi Police and iLive Connect, there will be a campaign on heart disease through awareness
  • दिल्ली में साल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई। वहीं 2023 में ये आंकड़ा 22385 का था।

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

दिल्ली पुलिस के जवान पर हर वक्त सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, हर वक्त अलर्ट मोड में रहना ज़रूरी होता है, लिहाज़ा पुलिस वाले तनाव का शिकार अधिक होते हैं, इसके साथ ही लंबी ड्यूटी और अनियमित दिनचर्या हृदय की बीमारी के खतरे को बढ़ा देती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जवानों को जागरूक करने के मकसद से iLive Connect ने दिल्ली पुलिस के साथ हाथ मिलाकर शनिवार को दिल्ली के शास्त्रीपार्क के IT पार्क में कार्डियक हेल्थ अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया। इसमें पुलिसकर्मियों के दिल की जांच की गई, दिल से जुड़ी बीमारी की जानकारी भी दी गई और ज़रूरी एहतियात से लेकर आधुनिक तकनीक तक पर बात भी हुई। मौजूद आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में साल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई। वहीं 2023 में ये आंकड़ा 22385 का था। तो लगातार बढ़ते आंकड़े चिंता पैदा करते हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी मिलिंद महादेव और डीसीपी ( मेट्रो एवं रेलवे) भरत रेड्डी के अलावा iLive Connect के फाउंडर, इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट एंड लंग  डिजीजेज के चेयरमैन और वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन डॉक्टर राहुल चंदोला भी मौजूद रहे। इस दौरान 30 से ज्यादा पुलिसकर्मियों का हेल्थ चेक अप भी किया गया।

ज्वाइंट सीपी मिलिंद महादेव ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह से डॉक्टर राहुल चंदोला ने सामान्य भाषा में हार्ट हेल्थ को लेकर जानकारी दी वो अहम है। इसको अमल में लाएं तो बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा और जिससे हार्ट रिस्क को हम घटा सकते हैं। मिलिंद महादेव ने कहा कि अगर हम दिल का ख्याल रखेंगे तो दिल भी हमारा ख्याल रखेगा। लाइफ़ को बैलेंस करना जरूरी है। सब भागमभाग में लगे हैं तो इस भागदौड़ में खुद के लिए वक्त निकालना ज़रूरी है।

वहीं, डीसीपी रेलवे और मेट्रो बी भरत रेड्डी ने कहा कि जागरूकता को लेकर iLive Connect की ये एक अच्छी पहल है। कोरोना के बाद हार्ट को लेकर मामले भी बढ़े हैं। रिपोर्ट भी हो रहे हैं। हमने अपने फील्ड में भी कुछ हार्ट अटैक के मामले देखे हैं। तो लाइफस्टाइल में सुधार करके हार्ट अटैक को बहुत हद तक टाला जा सकता है।

दिल्ली पुलिस के साथ iLive Connect का ये करार महज़ इस कार्यक्रम तक ही नहीं सिमटा। बल्कि भविष्य में इस तरह के कई और कार्यक्रम को अंजाम देने की योजना है ताकि दिल्ली की हिफाजत करने वालों को भी बीमारी से महफूज़ रखा जा सके। ये जानकारी डॉक्टर राहुल चंदोला ने दी। पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर चंदोला ने कहा कि हम सभी तनावपूर्ण माहौल में काम कर रहे हैं। नींद कम ले रहे हैं। खाना सही नहीं खा रहे। एक्सरसाइज नहीं कर रहे। ये सब हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हफ्ते में 150 मिनट एक्सरसाइज ज़रूर करें। एक्सरसाइज के तौर पर 10 min तेज़ चलें थकावट के बाद थोड़ा ठहरें। फिर दौड़ें। थकने पर रुकें और फिर ये तीन चार बार दोहराएं। इससे 30 – 40% हार्ट रिस्क घट जाएगा। अच्छी नींद ज़रूरी है। 7.5 घंटा रोज़ाना सोएं। इससे हार्ट अटैक का रिस्क घटता है। खाने में नमक कम खाएं। ट्रांस फैट और प्रोसेस्ड फूड खाना बंद करें।

डॉक्टर चंदोला ने जोर डालते हुए कहा कि हार्ट एक इकलौता ऑर्गन है जिसमें  एडवांस डिजीज होने पर भी कोई लक्षण नहीं दिखता। 50% हार्ट अटैक बिना किसी वार्निंग के होता है। कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी और डीसीपी समेत कई  पुलिसकर्मियों को iLive Connect डिवाइस भी लगाया गया। वियरेबल बायोसेंसर पैच और वेलनेस ब्रेसलेट के ज़रिए रियल टाइम में हृदय, ब्लड प्रेशर के अलावा शरीर के तमाम वाइटल पैरामीटर की मॉनिटरिंग होती रहती है जिसको दूर कमांड सेंटर में बैठे अनुभवी डॉक्टर 24x 7 मॉनिटरिंग कर रहे होते हैं। और किसी उतार चढ़ाव और अनहोनी होने की सूरत से पहले पेशेंट और परिवार को ख़बर करते हैं। देश और दुनिया में डॉक्टर लेड ये अपने आप में पहला प्रोडक्ट है जो हर वक्त अपने साथ डॉक्टर की मौजूदगी का एहसास कराता है।

भारत में बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले

भारत में 28% मौत हार्ट अटैक से होती है। हार्वर्ड की स्टडी मेंबताया गया कि स्ट्रफफुल जॉब में रहने से हार्ट अटैक का खतरा 25% तक बढ़ जाता है। अमेरिकन डेटा के मुताबिक शिफ्ट ड्यूटी करने वालों में 30 – 40% हार्ट रिस्क ज्यादा होता है। एनुअल रूटीन चेक अप में हार्ट हेल्थ को लेकर पूरी जानकारी नहीं मिलती। चाहे ब्लड टेस्ट हो, ईसीजी हो या फिर Echo. एंजियोग्राफी एक ऐसा टेस्ट है जिससे हार्ट की सही स्थिति पता चलती है, पर ये एक invasive  प्रोसेस है तो कोई भी कराने से हिचकेगा।। ऐसी स्थिति में डॉक्टर लेड iLive Connect के ज़रिए मुमकिन है कि आपके दिल का हाल सही से पता चले क्योंकि इस डिवाइस के ज़रिए लगातार हार्ट की मॉनिटरिंग होती है। साथ ही डॉक्टर चंदोला ने पुलिसकर्मियों के सवालों के जवाब भी दिए।

सात दिन तक होगी दिल की निगरानी

7 दिन तक iLive Connect डिवाइस के ज़रिए दिल्ली पुलिस के जवानों के स्वास्थ्य की निगरानी होगी और फिर एक विस्तृत रिपोर्ट भी आएगी। इस कैंप में पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से अवगत कराने के साथ साथ जरूरी जानकारी और जांच भी किए गए।

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