
Lucknow, Sehat Correspondent
उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मरीजों द्वारा अप्रशिक्षित चिकित्सकों (Unqualified Practitioners) से इलाज लेने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए, डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कोर सदस्य एवं आईटी इंचार्ज, डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने कहा कि यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, affordability और awareness में मौजूद गंभीर खामियों को उजागर करती है।
प्रश्न 1: इस स्थिति पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
यह केवल एक प्रवृत्ति नहीं, बल्कि हमारे healthcare system की कमियों का स्पष्ट संकेत है। जब मरीजों को मजबूरी में अप्रशिक्षित लोगों से इलाज कराना पड़ता है, तो यह दर्शाता है कि सुरक्षित और समय पर चिकित्सा सेवाएं अभी भी सभी तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
प्रश्न 2: मरीज ऐसे practitioners के पास क्यों जाते हैं?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
इसके कई कारण हैं:
- ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में qualified doctors की कमी
- आर्थिक सीमाएं (affordability issues)
- सरकारी अस्पतालों में अत्यधिक भीड़ (overburdened system)
- स्थानीय स्तर पर भरोसा और आसान उपलब्धता
प्रश्न 3: इससे क्या खतरे हो सकते हैं?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
अप्रशिक्षित इलाज से delayed diagnosis, गलत दवाओं का उपयोग (irrational treatment) और बीमारी के गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार मरीज advanced stage में अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज कठिन और महंगा हो जाता है।
प्रश्न 4: क्या मौजूदा नियम पर्याप्त हैं?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
नियम मौजूद हैं, लेकिन उनका implementation प्रभावी तरीके से नहीं हो रहा है। Illegal medical practice के खिलाफ सख्त monitoring और enforcement की आवश्यकता है।
प्रश्न 5: इस समस्या का समाधान क्या है?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
इसके लिए multi-pronged approach जरूरी है:
- Primary healthcare system को मजबूत करना
- Rural areas में doctors के लिए बेहतर incentives
- इलाज को affordable बनाना
- Public awareness बढ़ाना
- Illegal practitioners के खिलाफ सख्त कार्रवाई
प्रश्न 6: technology किस तरह मदद कर सकती है?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
Telemedicine, digital consultations और verified healthcare platforms के माध्यम से हम rural और underserved areas में भी qualified doctors तक पहुंच सुनिश्चित कर सकते हैं। Technology इस gap को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रश्न 7: जनता के लिए आपका संदेश?
डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव:
मरीजों से मेरा आग्रह है कि वे केवल registered medical practitioners से ही इलाज कराएं। सही समय पर सही उपचार ही जटिलताओं से बचा सकता है।