
- पेपर लीक मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए नासिक से एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है
- देशभर में छात्रों का आक्रोश, मेडिकल छात्र संगठन फायमा ने जताया विरोध
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाने का सपना देखने वाले छात्रों को एक बार फिर हताशा मिली, मंगलवार को राजस्थान के कोटा में नीट यूजी का पेपर लीक होने की सूचना के बाद एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने तीन मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है। एनटीए ने यह फैसला नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक होने की खबरों की पुष्टि के बाद लिया। हालांकि परीक्षा रद्द होने देशभर में मेडिकल छात्र सड़क पर उतर आए हैं, परीक्षाओं के साथ इस तरह के खिलवाड़ से छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाता है। इस संदर्भ में फायमा (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन) ने भी कड़ा विरोध जताया है।
फायमा के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ रोहन कृष्णनन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने मेहनत कर मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखने वाले छात्रों का मनोबल टूटता है, तीन मई को आयोजित परीक्षा में 25 लाख छात्रों ने परीक्षा दी और अब उस परीक्षा को ही रद्द किया जा रहा है, यह बहुत ही चिंताजनक है, सीबीआई को एनटीआई के क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों पर इस विषय पर गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं कोटा राजस्थान में छात्रों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया, नीट यूजी की परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी। एनटीए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस बावत ट्वीटर पर जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियां द्वारा की गई जांच में तीन मई को आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी पाई गई है इसकी वजह से परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गई है। मालूम हो नीट यूजी परीक्षा रद्द होने पर जाने माने नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हालांकि खबर लिख्ने जाने तक मिली जानकारी के अनुसार पेपर लीक मामले में साल्वर गैंग को शामिल पाया गया है, नासिक ने सीबीआई ने इस संदर्भ में एक बीएएमएस के छात्र भी गिरफ्तार किया है, साल्वर गैंग मतलब अपनी जगह किसी और छात्र को परीक्षा हॉल में बैठाकर परीक्षा दिलाना, इसका सीधा मतलब है जो धनाढ्य है वह सीट खरीदकर नाम के आगे डॉक्टर लगा सकते हें। अब आप खुद सोच सकते हैं मेहनत करने वाले बच्चे किस उम्मीद पर अपना भविष्य संवारें?