
- नीट यूजी पेपर लीक मामले पर मनोचिकित्कों ने बताया चिंताजनक
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
मंगलवार को नीट यूजी पेपरलीक मामले की खबर आते ही लाखों छात्रों के चेहरे पर मायूसी छा गई। डॉक्टर बनने का सपना देखने के लिए रात दिन मेहनत करने वाले छात्रों को अपना भविष्य गर्त में जाता दिख रहा है। ऐसी घटनाएं छात्रों के मनोबल को बुरी तरह तोड़ देते हैं, दोबारा मेहनत करना और फिर उसी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हाल में प्रवेश करने का उनकी हिम्मत नहीं रहती।
हीलर साइक्रेटिक सेंटर के मनोचिकित्सक और मैक्स अस्पताल प्रिंसिपल मनोचिकित्सक डॉ पंकज कुमार ने बताया कि पेपर लीक होने की घटना छात्रों के लिए मेंटल ट्रामा जैसा है, परीक्षा के लिए सालों तक मेहनत करने के बाद पेपर लीक होने की घटना लाखों छात्रों की उम्मीदों को तोड़ देती है, नीट परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा जिसमें उत्तीर्ण या अच्छे नंबर लाने के लिए छात्रों के ऊपर पहले से ही बहुत दवाब होता है, अनिश्चितता, नींद की कमी, फेल होने का डर आदि परीक्षा के अंतिम समय तक बना रहता है। इतनी अनिश्चितता के बाद पेपर लीक की घटना के बाद अधिकांश छात्र गहरे मेंटल ट्रामा में चले जाते हैं भविष्य की चिंता के साथ ही समय और पैसे की बर्बादी का भी नुकसान, कुल मिलाकर छात्र और परिजन खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेब्वियर एंड एलायड साइंसेस के मनोचिकित्सक डॉ ओम प्रकाश कहते हैं कि इससे पहले भी कई बार पेपरलीक होने की खबरें आती रही हैं, ऐसे में संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, परीक्षा चाहे मेडिकल की हो या फिर यूपीएसई उसकी सुचिता को बनाएं रखना सरकार की जिम्मेदारी है। यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है अन्यथा भविष्य बनाने की उम्र में छात्र नकारात्मकता के शिकार हो जाएंगें, फिर उनके भविष्य को कोई नहीं संवार सकता।