
- दोपहर दो बजे से देशभर में नीट यूजी का रिगजाम देगें अभ्यर्थीं, तीन मई को पहली बार आयोजित हुई नीट यूजी की परीक्षा को पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया था
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
21 जून को आयोजित होने वाली नीट यूजी परीक्षा पर देशभर की निगाहें है, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़ें बंदोबस्त किए गए हैं। परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले राजस्थान के अजमेर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें एक कॉलर ने वीडियो कॉल पर पेपर दिखाकर 30 हजार रुपए मांगे, मामले की जानकारी मिलते ही अजमेर पुलिस हरकत में आ गई और जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर कॉलर की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
डीएवी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं एबीवीपी सदस्य कृष्ण सिंह ठाकुर ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को कॉल और बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, QR कोड और वीडियो कॉल के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सिटी) हिमांशु जागीद ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने और वीडियो कॉल में दिखाए गए कथित प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के शुरुआती आकलन के अनुसार यह मामला छात्रों को गुमराह कर उनसे पैसे ऐंठने की साजिश या बड़े ऑनलाइन फ्रॉड का हिस्सा भी हो सकता है। फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि वीडियो कॉल में दिखाया गया प्रश्नपत्र वास्तविक था या नहीं।
अधिकारियों ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के पेपर लीक, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
मालूम हो कि आज यानि 21 जून को NEET-UG 2026 री-एग्जाम आयोजित किया जा रही है, जोकि दोपहर दो बजे से शुरू होगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा के सुचारु और सुरक्षित संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की है।
- 3 मई को हुई मूल NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक और परीक्षा की शुचिता पर उठे सवालों के बाद रद्द किया गया था। इसके बाद आज 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है।
- राजस्थान में एक कथित “गेस पेपर” और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच बड़ी समानता मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी, जिसने पूरे विवाद को जन्म दिया। जांच एजेंसियां अभी भी मामले की पड़ताल कर रही हैं।
- पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर फिर से पेपर लीक के दावे वायरल हुए, लेकिन NTA ने कहा कि वायरल हो रही तस्वीरों और संदेशों की सत्यता संदिग्ध है तथा कई दावे भ्रामक पाए गए हैं।
- आज की परीक्षा के दौरान किसी भी नए लीक को रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी, AI आधारित मॉनिटरिंग, सिग्नल जैमर, पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती तथा प्रश्नपत्रों की विशेष सुरक्षा शामिल है।
- आज राजस्थान के अजमेर में एक अभ्यर्थी को वीडियो कॉल पर कथित प्रश्नपत्र दिखाकर ₹30,000 मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी यह साबित नहीं हुआ है कि दिखाया गया पेपर असली था।