
(Yoga for Healthy Ageing)
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर शांति पथ पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में लगभग 1100 योग साधकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस आयोजन को अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं यादगार बना दिया।
इस अवसर पर The Art of Living परिवार की ओर से सभी प्रतिभागियों, परिवारों, सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संगठनों, स्वयंसेवकों तथा सहयोगी संस्थाओं ने बढ़ चढ़ कर योग अभ्यास किया। आर्ट ऑफ लिविंग संस्था तथा सहयोगियों के समर्पण ने इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय मुख्य अतिथि श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के आगमन के साथ निर्धारित समय सुबह छह बजे हुआ। इसके बाद सात बजे तक माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने योगाभ्यास के लिए सीधा संबोधन जारी किया गया। अंतराष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम सुचारू रूप से समयबदध तरीके से समाप्त हुआ।
योग का वास्तविक अर्थ
डायटिशियन और हैप्पीनेस क्लास की डॉ अर्चना गुप्ता ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है। यह शरीर, मन, भावनाओं और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” हमें यह संदेश देती है कि नियमित योगाभ्यास के माध्यम से हम जीवन के प्रत्येक चरण में—
* शारीरिक रूप से सक्षम
* मानसिक रूप से शांत
* भावनात्मक रूप से संतुलित
* बौद्धिक रूप से सजग बने रह सकते हैं।
मालूम हो कि वर्ष 2014 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक पहचान दिलाने का आह्वान किया गया था। इसके परिणामस्वरूप 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। आज योग सम्पूर्ण विश्व में स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण का प्रतीक बन चुका है।
जैसा कि अक्सर कहा जाता है—
“योग तब नहीं होता जब हम मैट पर होते हैं, योग तब होता है जब हम मैट से उतर जाते हैं।” योग हमें धैर्य, समभाव, सहयोग, कृतज्ञता और सामूहिकता का पाठ पढ़ाता है। एक सहभागी के रूप में हमें केवल कार्यक्रम में उपस्थित ही नहीं होना चाहिए, बल्कि उसकी भावना को अपने जीवन में उतारना चाहिए। डॉ अर्चना ने कहा कि आइए, इस योग दिवस पर संकल्प लें कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखकर वर्ष के सभी 365 दिनों का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ, प्रसन्न एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
नोट– डॉ अर्चना गुप्ता श्री श्री आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी सीनियर थेरेपेटिक डायटिशियन हैं। डॉ अर्चना स्वस्तिसुखम स्वयं सेवी संस्था की संस्थापक और निदेशक हैं, जो हेल्थ, न्यूट्रिशन और हैप्पीनेस से जुड़ी वर्कशॉप आयोजित कराती रहती हैं
