
- इसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की वो नसें क्षतिग्रस्त होने लगती हैं, जो शरीर की मांसपेशियों को नियंत्रित करती हैं
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि एम्स में गुरूवार को एएलएस जागरूकता दिवस मनाया गया, यह एक न्यूरोडिजेनेरेटि डिसीस है, लेकिन अधिकांश लोगों को इसके प्रारंभिक लक्षण और इलाज के बारे में पता नहीं है। आइए जानते हैं एएलएस क्या है, बीमारी कैसे पहचाने और इसका इलाज क्या है?
ALS, जिसे Motor Neuron Disease (MND) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका तंत्र) बीमारी है। इसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) की वे नसें (मोटर न्यूरॉन्स) धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं जो शरीर की मांसपेशियों को नियंत्रित करती हैं। इसके कारण व्यक्ति की चलने-फिरने, हाथ-पैर हिलाने, बोलने, निगलने और बाद के चरणों में सांस लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अधिकांश मामलों में व्यक्ति की याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता लंबे समय तक सामान्य बनी रह सकती है।
क्या ALS से बचा जा सकता है?
फिलहाल ALS को पूरी तरह रोकने का कोई प्रमाणित तरीका उपलब्ध नहीं है। अधिकांश मामलों में इसका सटीक कारण भी ज्ञात नहीं होता। कुछ मामलों में आनुवंशिक (Genetic) कारण भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन अधिकांश मरीजों में यह बीमारी बिना पारिवारिक इतिहास के भी हो सकती है।
हालांकि, सामान्य रूप से स्वस्थ जीवनशैली अपनाना—जैसे नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान से बचाव और अन्य बीमारियों का समय पर उपचार—समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, लेकिन यह सिद्ध नहीं हुआ है कि इससे ALS को रोका जा सकता है।
प्रमुख लक्षण
- हाथ या पैरों में कमजोरी
- बार-बार ठोकर लगना या चलने में कठिनाई
- मांसपेशियों में फड़कन (Muscle Twitching)
- मांसपेशियों का सिकुड़ना या कमजोर होना
- बोलने में अस्पष्टता
- निगलने में परेशानी
- सांस लेने में कठिनाई (बीमारी बढ़ने पर)
इलाज क्या है?
- अभी ALS का पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है।
- कुछ दवाएं बीमारी की प्रगति को कुछ हद तक धीमा करने में मदद कर सकती हैं।
- फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, पोषण संबंधी देखभाल, श्वसन सहायता (BiPAP/वेंटिलेशन) और पेलिएटिव केयर से मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
- यही कारण है कि AIIMS जैसे संस्थान मल्टीडिसिप्लिनरी देखभाल पर विशेष जोर दे रहे हैं।
कब डॉक्टर से मिलें?
- हाथ-पैरों में बढ़ती कमजोरी,
- मांसपेशियों में लगातार फड़कन,
- बोलने या निगलने में कठिनाई,
- या बिना स्पष्ट कारण के मांसपेशियों का कमजोर होना महसूस हो,
तो न्यूरोलॉजिस्ट से तुरंत परामर्श लेना चाहिए। प्रारंभिक जांच से कई अन्य उपचार योग्य बीमारियों की पहचान भी हो सकती है।
सेहत365डॉटकॉम का संदेश
ALS एक संक्रामक (Contagious) बीमारी नहीं है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती और सामान्य संपर्क, साथ रहने या भोजन साझा करने से संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता।