बारिश के बाद बढ़ी उमस बनी नई चुनौती: हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और संक्रमण से बचने के लिए बरतें सावधानी

Increased humidity after the rain brings a new challenge: take precautions to avoid heat stress, dehydration, and infections
Increased humidity after the rain brings a new challenge: take precautions to avoid heat stress, dehydration, and infections

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

राजधानी में हाल की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही बढ़ी उमस ने स्वास्थ्य संबंधी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने से शरीर का तापमान नियंत्रित करने की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, थकान, त्वचा संबंधी समस्याओं और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

वरिष्ठ फिजिशियन एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल बंसल के अनुसार, बारिश के बाद बढ़ी उमस को सामान्य मौसम परिवर्तन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब वातावरण में नमी अधिक होती है, तो शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से नहीं सूखता। इससे शरीर को ठंडा होने में कठिनाई होती है और हीट स्ट्रेस का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. बंसल कहते हैं, बारिश के बाद तापमान कम होने के बावजूद उमस अधिक होने पर शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह, हृदय और किडनी रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थ लेना, हल्के सूती कपड़े पहनना और लंबे समय तक उमस भरे वातावरण में रहने से बचना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि यदि लगातार चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, उल्टी, तेज धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर उपचार न मिलने पर हीट स्ट्रेस गंभीर रूप ले सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में भोजन और पानी की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। अधिक नमी के कारण खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बाहर का खुला भोजन खाने से बचें और केवल स्वच्छ या उबला हुआ पानी ही पिएं।

वही मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान लगभग 37–39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बीच-बीच में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां भी हो सकती हैं। हालांकि, हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस बनी रह सकती है और लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।

इन आसान उपायों से रहें सुरक्षित

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लें।
  • आवश्यकता होने पर ओआरएस का सेवन करें।
  • हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
  • ताजा और हल्का भोजन करें, बासी भोजन से बचें।
  • घर और कार्यस्थल पर पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।
  • बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में यह बदलाव सामान्य जरूर है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर उमस से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

लोग अक्सर केवल तापमान पर ध्यान देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर सबसे अधिक असर तापमान और उमस के संयुक्त प्रभाव का पड़ता है। यदि नमी अधिक हो तो 38 डिग्री सेल्सियस का तापमान भी शरीर के लिए 42–44 डिग्री जैसा महसूस हो सकता है। ऐसे मौसम में पानी की कमी न होने दें, हल्के कपड़े पहनें और बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें।”

डॉ. अनिल बंसल, वरिष्ठ फिजिशियन एवं पूर्व सदस्य, आईएमए

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *