एनर्जी ड्रिंक’ के दावों पर FSSAI सख्त: छह बड़े ब्रांडों को नोटिस, बच्चों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

FSSAI strict on energy drink claims: Questions raised over names and health claims; heated discussion also on steps like banning sales near schools
FSSAI strict on energy drink claims: Questions raised over names and health claims; heated discussion also on steps like banning sales near schools

एनर्जी ड्रिंक नाम और स्वास्थ्य संबंधी दावों पर उठे सवाल; स्कूलों के आसपास स्टिंग की बिक्री रोकने जैसे कदमों पर भी तेज हुई चर्चा

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

देश में लोकप्रिय ‘एनर्जी ड्रिंक’ अब खाद्य सुरक्षा नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) की जांच के दायरे में आ गए हैं। FSSAI ने छह प्रमुख पेय कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए उनके उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित करने और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में बिकने वाली एनर्जी ड्रिंक स्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है। स्कूली बच्चों में लंबे समय से इस पेय को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा था जोकि सेहत के लिए सही नहीं है। एफएसएसएआई ने सीधे तौर पर कहा कि खाद्य पद्धार्थों की किसी भी श्रेणी में एनर्जी ड्रिंक को शामिल नहीं किया गया है।

FSSAI का कहना है कि वर्तमान खाद्य मानकों में Energy Drink नाम से कोई अलग श्रेणी अधिसूचित नहीं है। ऐसे में उत्पादों पर एनर्जी ड्रिंक लिखना या ऊर्जा बढ़ाने, फोकस बढ़ाने, शरीर और दिमाग को सक्रिय बनाने जैसे दावे करना खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं हो सकता।

नोटिस पाने वाले प्रमुख ब्रांडों में Red Bull, Sting, Monster, Hell Energy, Campa Gold Boost और Adrenaline Rush शामिल हैं। FSSAI ने इन कंपनियों से उनके लेबल और प्रचार संबंधी दावों पर जवाब मांगा है।

बच्चों की सेहत पर क्यों बढ़ी चिंता?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पेयों में अक्सर कैफीन और चीनी की मात्रा अधिक होती है। नियमित सेवन से बच्चों और किशोरों में:

  • हृदय गति बढ़ना
  • रक्तचाप में वृद्धि
  • नींद में कमी
  • घबराहट और बेचैनी
  • एकाग्रता पर असर
  • मोटापा और दांतों की समस्याएं

जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं

स्टिंग में क्या नुकसानदेह

स्टिंग पेप्सिको (रॉकस्टार इंक के माध्यम से) का एक कार्बोनेटेड एनर्जी ड्रिंक है, जिसे 2002 में लांच किया गया था। इसमें अधिक शुगर कंटेंट, ~32 मिलीग्राम कैफीन प्रति 100 मिलीलीटर, बी‑विटामिन्स, टॉरीन और जिनसेंग के लिए जाना जाता है और इसे एशिया और अफ्रीका में खूब बेचा जाता है। यह सभी इंडिग्रिएंट सेहत के लिए सही नहीं माने गए हैं।

महाराष्ट्र ने उठाया अतिरिक्त कदम

इसी बीच, महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में Sting जैसे पेयों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। हालांकि यह निर्णय राज्य सरकार का है, FSSAI के हालिया नियामकीय कदमों ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस को और तेज कर दिया है।

Sehat365 Health View

FSSAI की कार्रवाई केवल लेबलिंग का मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भोजन और पेय पदार्थों के प्रचार में किए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधी दावों की अब अधिक कड़ी जांच होगी। बच्चों और किशोरों को आकर्षित करने वाले उच्च कैफीन और अधिक शर्करा वाले पेयों के प्रति अभिभावकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

 

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