
देश भर में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य नीतियों और जन-स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर मुखरता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए, डॉ. अदिति सिंह, अध्यक्षा, DMA भारत राष्ट्रीय संपादकीय परिषद ने कहा कि ‘Medमंच’ की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, अकादमिक संवाद और अवेयरनेस में मौजूद गंभीर कमियों को पाटने और रेजिडेंट डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को एक सशक्त डिजिटल मंच प्रदान करने के लिए की गई है। सेहत365डॉटकॉम के वरिष्ठ संवादाता से बात करते हुए डॉ अदिति ने Medमंच की स्थापना का उद्देश्य और रणनीति पर विस्तृत चर्चा की
प्रश्न 1: ‘Medमंच‘ क्या है और इसकी शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: ‘Medमंच’ डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन की एक डिजिटल ई-पत्रिका है। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य नीतियों, डॉक्टरों के संघर्षों और जन-स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को एक सशक्त डिजिटल मंच देना है, ताकि मेडिकल बिरादरी की आवाज़ को मजबूती से उठाया जा सके।
प्रश्न 2: इस ई–पत्रिका का ई–लॉन्च कब और किस रूप में होने जा रहा है?
उत्तर: ‘Medमंच’ का भव्य ई-लॉन्च आगामी 1 नवंबर 2026 को होगा। यह पूरी तरह से डिजिटल प्रारूप में होगी, जिसे देश भर के चिकित्सक और छात्र ऑनलाइन माध्यम से आसानी से पढ़ सकेंगे।
प्रश्न 3: ‘Medमंच‘ के पहले अंक के लिए किस प्रकार की सामग्री आमंत्रित की जा रही है और इसमें कैसे योगदान दिया जा सकता है?
उत्तर: हम देश भर के मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से लेख, क्लिनिकल केस स्टडी, स्वास्थ्य नीतियों पर विचार और रचनाएं आमंत्रित कर रहे हैं। इच्छुक लोग हमारे सबमिशन लिंक (Https://forms.gle/Num4spZeXQzCyeFq6) के माध्यम से आसानी से अपनी सामग्री भेज सकते हैं।
प्रश्न 4: इस पूरी पहल के पीछे किनका मार्गदर्शन और कौन सी टीम कार्य कर रही है?
उत्तर: यह पहल हमारे प्रमुख नेतृत्व—डॉ. अमित व्यास (अध्यक्ष), डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी (संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव), और डॉ. भानु कुमार (सह-संस्थापक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)—के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है। इसके संचालन के लिए हमारी ‘DMA भारत राष्ट्रीय संपादकीय परिषद (2026–27)’ पूरी तरह समर्पित है, जिसमें डॉ. कुमारी रेशु रोली और डॉ. आर्यन कुमार श्रीवास्तव निष्ठावान संपादकीय समिति के उपाध्यक्षों के रूप में कार्य कर रहे हैं। साथ ही, देश भर के युवा डॉक्टर और छात्र कंटेंट, रिसर्च, डिज़ाइन और आउटरीच टीमों के रूप में मिलकर काम कर रहे हैं।