
आर्मी हॉस्पिटल आर एंड आर ने एएलएलवाई प्रणाली से पहली रोबोटिक कस्टम लेजर मोतियाबिंद सर्जरी की*
आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल (आर एंड आर) ने हाल ही में एएलएलवाई (ALLY) प्रणाली के माध्यम से पहली रोबोटिक कस्टम लेजर मोतियाबिंद सर्जरी सफलतापूर्वक की है — जो भारत में सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर है।
🩺 क्या है ALLY प्रणाली?
ALLY Robotic System एक अत्याधुनिक लेजर-आधारित तकनीक है जो मोतियाबिंद सर्जरी को:
– अधिक सटीक बनाती है
– रोगी के लिए सुरक्षित और कम दर्दनाक बनाती है
– रिकवरी को तेज करती है
इस प्रणाली में:
– कस्टमाइज़्ड लेजर कटिंग होती है जो हर रोगी की आंख की संरचना के अनुसार सर्जरी को अनुकूलित करती है
– रोबोटिक आर्म्स और AI-संचालित विज़न सिस्टम होते हैं जो सर्जन को माइक्रो-लेवल पर सटीकता प्रदान करते हैं
– यह उपलब्धि भारत को दक्षिण एशिया में इस तकनीक को अपनाने वाला दूसरा सरकारी संस्थान बनाती है।
सर्जरी का नेतृत्व ब्रिगेडियर एस.के. मिश्रा ने किया, जिन्होंने 61 वर्षीय रोगी की आंखों में फेम्टोसेकंड लेज़र असिस्टेड कैटरैक्ट सर्जरी (FLACS) की। यह प्रक्रिया पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सटीक, सुरक्षित और स्वचालित है — जिसमें कॉर्निया चीरा, कैप्सूलोटॉमी और मोतियाबिंद विखंडन जैसे चरण माइक्रोन-स्तर की सटीकता से पूरे किए जाते हैं।
🇮🇳 सैन्य चिकित्सा में क्रांति
यह सर्जरी न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है, बल्कि यह दिखाती है कि भारत की सैन्य चिकित्सा प्रणाली अब वैश्विक मानकों की बराबरी कर रही है। इससे सैनिकों और उनके परिवारों को विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
नेतृत्व और मार्गदर्शन
इस उपलब्धि के पीछे रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन का मार्गदर्शन रहा। उनके नेतृत्व में एएचआरआर का नेत्र विज्ञान विभाग नवोन्मेषण और नैदानिक उत्कृष्टता की अपनी विरासत को और सुदृढ़ कर रहा है।

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