ड्यूटी आवर्स, वेतन और मानसिक तनाव पर डीएमए का राष्ट्रीय सर्वे अभियान बिहार से शुरू

DMA's National Survey Campaign on Duty Hours, Salary, and Mental Stress Begins from BiharFrom working hours to mental stress—DMA's national survey on the condition of doctors begins from Bihar
DMA’s National Survey Campaign on Duty Hours, Salary, and Mental Stress Begins from Bihar from working hours to mental stress—DMA’s national survey on the condition of doctors begins from Bihar Note File photo
  • कार्यघंटे से मानसिक तनाव तक—डॉक्टरों की स्थिति पर डीएमए का राष्ट्रीय सर्वे बिहार से शुरू

नई दिल्ली, 13 अप्रैल

डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए इंडिया) की ओर से डॉक्टरों पर बढ़ते कार्यभार का आकलन करने हेतु एक संगठित एवं प्रमाण-आधारित राष्ट्रीय सर्वे अभियान की शुरुआत बिहार से की गई है। इसका उद्देश्य चिकित्सा पेशेवरों पर बढ़ते कार्यदबाव, असंतुलित कार्यघंटों और मानसिक तनाव जैसे मुद्दों को उजागर करना है, जो पूरे देश में चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

अभियान के प्रथम चरण में बिहार के डॉक्टरों से डिजिटल एवं पूर्णतः गोपनीय (anonymous) सर्वे के माध्यम से जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके आधार पर कार्य-स्थितियों का विस्तृत विश्लेषण तैयार कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की योजना है।

सर्वे के प्रमुख बिंदु—

  • कार्य-स्थितियों से जुड़े नियमों का पालन
  • वेतन/स्टाइपेंड से संबंधित समस्याएं
  • अत्यधिक कार्यघंटे (Excessive Duty Hours)
  • मूलभूत सुविधाओं की कमी
  • कार्य-जीवन असंतुलन
  • मानसिक तनाव एवं उत्पीड़न

इस सर्वे की रूपरेखा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ हुई रणनीतिक बैठकों के पश्चात तैयार की गई। इसमें डीएमए बिहार टीम—डॉ अदिति सिंह, डॉ विश्वा प्रकाश, डॉ रितेश श्रीवास्तव, डॉ आर्यन तिवारी—की महत्वपूर्ण भूमिका है।

राष्ट्रीय मार्गदर्शन—

यह अभियान डीएमए की राष्ट्रीय टीम के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, जिसमें डॉ अमित व्यास (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ भानु कुमार, डॉ शुभ प्रताप सोलंकी (राष्ट्रीय महासचिव), डॉ उज्ज्वल सहित अन्य कोर टीम सदस्य शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश टीम का सहयोग—

अभियान के विस्तार में डीएमए उत्तर प्रदेश टीम भी सक्रिय रूप से जुड़ी है—डॉ सूरज चौहान (अध्यक्ष), डॉ आर्यन श्रीवास्तव (नेशनल कोर टीम सदस्य एवं आईटी लीड), डॉ हर्ष जायसवाल (संयुक्त सचिव), डॉ मानसवी (स्टेट कन्वीनर)।

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ व्यास एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ सोलंकी ने बताया कि शीघ्र ही इस सर्वे को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में भी विस्तारित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य डॉक्टरों एवं मेडिकल छात्रों के लिए सुरक्षित, संतुलित एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है, जिससे वे अधिक दक्षता के साथ कार्य कर सकें और मरीजों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।

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