
- एम्स के ताजा अध्ययन में हुआ इस बात का खुलासा
- कोड भाषा में इस कांबिनेशन को चेमसेक्स कहा जाता है
नई दिल्ली
ड्ग्स और सेक्स डिजायर मिलकर युवाओं को चेमसेक्स की तरफ ले जा रही है। आम बोलचाल की भाषा में यह शब्द नया हो सकता है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें कि युवाओं की बड़ी तादात चेमसेक्स की ओर खींच रही है, जिसकी अहम वजह है कि यह दोनों ही चीजों युवाओं को आसानी से उपलब्ध हो जा रही हैं। नशा और सेक्स को लेकर विश्व भर में किए जा रहे अध्ययन में भारत को भी हिस्सा बनाया गया और इसके परिणाम काफी आश्यर्चजनक देखे गए।
एक्स के गाजियाबाद स्थित नेशनल ड्ग्स डेपेंडेंस ट्रिटमेंट सेंटर के सहयोग से किए गए इस अध्ययन में देखा गया कि मेध, याबा और आइस जैसे नशीले पद्धाथ इस श्रेणी में सबसे आगे हैं। इस सिम्युलेशन की जद में आने के बाद युवाओं की सेक्स करने की प्रवृति और अधिक तीव्र हो जाती है। नशीले पद्धार्थो में एक याबा में मेटामफेटामिन और कैफिन का कांबिनेशन होता है, जबकि आइस क्रिस्टल रूप में मेथ का ही रूप होती है। विशेषज्ञों के अनुसार नशीले पद्धार्थों का सेवन करने के बाद बनाए गए शारीरिक संबंधों से एसटीडी बीमारियों या सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिसीस का खतरा अधिक रहता है। ड्र्ग्स डिपेंडेंस सेंटर के एडिशनल प्रोफेसर डॉ सिद्धार्थ सरकार ने कहा कि विदेशों की तरह भारत के युवाओं में भी अब इस तरह की टेंडेंसी बढ़ रही है, ऐसे संबंधों में युवा असर कंडोम का भी इस्तेमाल नहीं करते है साथ ही नशा करके शारीरिक संबंध बनाने का चलन मेन टू मेन सेक्स में अधिक देखा जा रहा है। सर्वे के अनुसार चेम्स जैसे कि मेटाम्फेटामिन, एमडीएमए, कोकिन आदि जैसे नशीले पद्धार्थ मूड को बेहतर करते हैं, उर्जा को बढ़ाते हैं और थकान को दूर करते हैं, जिसकी वजह से शारीरिक संबंध अधिक बेहतर बनते हैं। इसके अतिरिक्त, इनके परिणामस्वरूप जुड़ाव की भावना बढ़ जाती है, अवरोध उत्पन्न हो सकता है, तथा स्फिंक्टर्स (result in relaxation of sphincters) में शिथिलता आ जाती है। इससे संबंधित एम्स के साइक्रेटिक विभाग द्वारा बीते साल एक ऑनलाइन सर्वेक्षण भी किया गया।
डॉ सरकार ने जिनकी सर्वेक्षण कराने में अहम भूमिका रही ने कहा कि चेमसेक्स के पीछे अहम वजह शारीरिक संबंधों की उत्तेजना को बढ़ाने के लिए किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप युवाओं को कई तरह की मानसिक परेशानियां भी देखी गईं, निश्चित रूप से चेमसेक्स के दुष्परिणाम अधिक हैं। जिसमें याद्दाश्त कमजोर होना, डर या फिर भय का बने रहना सबसे प्रमुख है। डॉ सरकार ने कहा कि चेमस्क्स ऐसे लोगों में अधिक देखा गया, जो एक से अधिक संबंध रखते हैं या फिर ग्रुप सेक्स में विश्वास रखते हैं। ऐसे युवाओं को सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीस जैसे एचआईवी की संभावना अधिक देखी गई जिसकी वजह ऐसे संबंधों को बनाने से पहले ली गई प्री एक्सपोजर प्रोफायलेक्सिस एक तरह की मेडिसन लेने की वजह से हुआ। प्रीएक्सपोजर प्रोफायलेक्सिस एक तरह की दवा है जो असुरक्षित शारीरिक संबंधों से होने वाले नुकसान जैसे एचआईवी के खतरे को कम करती है। सर्वे सात मई से 25 जुलाई 2024 के बीच ऑनलाइन गूगल फार्म के माध्यम से किया गया।
सर्वेक्षण के परिणाम
- सर्वे के अनुसार 136 प्रतिभागियों में 75 प्रतिशत पुरूष और 44 प्रतिशत महिलाएं थी, जिसमें से 33 प्रतिशत प्रतिभागितयों ने यह स्वीकार किया कि वह चेमसेक्स के आदी हैं।
- नशीले पद्धार्थों में मेथ, याबा और आइस के संघटकों का इस्तेमाल किया गया, इसके साथ ही एमडीएमए, पॉपरर्स और कोकिन भी प्रयोग किया गया।
- कुल प्रतिभागियों में 45 प्रतिशत युवाओं ने चेमसेक्स की बात को स्वीकार किया, जो कि स्लैमसेक्स में भी शामिल रहे, जिसका मतलब है नशीले तत्वों को इंजेक्शन के माध्यम से लेना। एक अन्य तरीका यह भी है कि सेक्स करने से पहले और बाद में इन तत्वों को लिया गया।
- चेमसेक्स करने वालों में सात युवा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए।
- दो तिहाई युवाओं ने यह भी कहा कि उनके पार्टनर भी चेमसेक्स करते हैं और एक दूसरे की यह बात दोनों को ही पता है।

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