
विश्व आइवीएफ दिवस पर विशेष
- निजी अस्पतालों और क्लीनिक के खर्चो के एवज में सरकारी अस्पताल से इलाज कराने पर गूजेंगी घर में किलकारियां
नई दिल्ली
संतानसुख भला कौन नहीं प्राप्त करना चाहता, देरी से विवाह, शराब का प्रयोग, तनाव या फिर जेनेटिक वजहें, कारण कोई भी हो लेकिन आईवीएफ के जरिए घर के आंगन को चहचकाने वाले दम्पतियों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। एक बच्चा घर की रौनक होने के साथ ही तनाव दूर करने का एक बड़ा माध्यम भी बन जाता है। अगर आप ऐसी ही दंपति हैं, जो संतानसुख तो चाहते हैं लेकिन निजी आईवीएफ क्लीनिक और अस्पतालों के खर्च आपके कदम रोक रही है तो इस बारे में सरकारी अस्पतालों की सुविधा का जायजा भी ले लें, जहां निजी अस्पतालों की तुलना में अधिक बेहतर परिणामयुक्त आईवीएफ कराया जा सकता है।
दिल्ली सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत मातृत्व एवं बाल सुरक्षा को ध्यान में रखते दिल्ली सरकार के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में आईवीएफ की सुविधा मिलती है, इन विट्रो फर्टिलाइजेशन की इस सुविधा से अभी तक कई दंपति संतानसुख प्राप्त कर चुके हैं। एलएनजेपी अस्पताल में हर सोमवार को विशेष क्लीनिक के माध्यम से दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच आईवीएफ क्लीनिक लगाया जाता है। ओपीडी का कार्ड बनने के बाद दूसरे तल पर स्त्री रोग विभाग में कमरा नंबर 2009, 2010, 2013 और 2014 में विशेष डॉक्टर की निगरानी में आईवीएफ इलाज किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क होती है। इस दौरान आईवीएफ के माध्यम से संतानसुख प्राप्त करने वाले दंपतियों की काउंसलिंग और उनके रहन सहन को सही करने की भी जानकारी दी जाती है। आईवीएफ में एंब्रायो बनने से लेकर गर्भ में भ्रूण को प्रत्यारोपित करने तक की प्रक्रिया में गर्भवती का विशेष ध्यान रखा जाता है, इसके बाद स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में आगे की प्रक्रिया के लिए रेफर कर दिया जाता है।
इसके साथ दिल्ली में स्थित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एम्स अस्पताल में भी आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है। एम्स का आईवीएफ सेंटर अपनी गुणवत्ता के लिए देशभर में जाना जाता है, बीते दस साल से यह सेंटर सैंकड़ों दंपतियों के घर में किलकारियां दे चुका है। यहां निरंतर शोध और रिसर्च कार्य भी जारी रहता है संस्थान में अभी तक आईवीएफ सुविधा पर 50 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं। यह सेंटर आईवीएफ से जुड़ी कई अन्य उन्नत तकनीकि जैसे गैमेट इंट्रा फैलोपियन ट्रांसफर, इंट्रा साइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन, इंट्रोयूटेरियन इनसेमिनेशन और एग फ्रीजिंग जैसी सुविधा भी देता है।
इसके अलावा दिल्ली के एक ईएसआई अस्पताल में भी आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है, ईएसआई अस्पताल बसई दारापुर में वर्ष 2019 में आईवीएफ सेंटर की शुरूआत की गई। ईएसआई यानि राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निम्न मध्यम वर्ग के कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल की जाती है। आईसीएमआर की गाइडलाइन को मानते हुए इस सेंटर पर आईवीएफ सुविधा दी जाती है।

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