डॉक्टर्स के प्रशिक्षण के लिए आरएमएल में स्किल लैब शुरू

Healing Skills, Without Harm: ABVIMS & Dr. RML Hospital Unveil Cutting-Edge Simulation Lab
Healing Skills, Without Harm: ABVIMS & Dr. RML Hospital Unveil Cutting-Edge Simulation Lab
  • असली दिखने वाले मैनिकिन्स पर ट्रेनिंग लेगें डॉक्टर्स
  • राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अत्याधुनिक लैबोरेटरी की शुरूआत की गई

नई दिल्ली

मेडिकल शिक्षा के दौरान जूनियर डॉक्टर्स अब अधिक बेहतर लैबारेटरी में प्रैक्टिस कर पाएगें, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मंगलवार को ऐसी ही स्किल लैब ।।(Cutting-Edge Simulation Lab) की शुरूआत की गई, जहां लाइव दिखने वाले मैमिकिन्स पर बर्न केस, सड़क दुर्घटना, चाइल्ड इंजरी, डिलीवरी, सांस रूकना सहित ऐसी ही तमाम मेडिकल कंडीशन पर मरीज के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अहम यह है कि प्रशिक्षण केंद्र में रखी गई मैनिकिन्स (manikins) को मानव क्षति के हूबहू बनाया गया है, जिससे डॉक्टरों को लाइव डेमो जैसा प्रशिक्षण मिलेगा।

राम मनोहर लोहिया केंद्र सरकार का ऐसा पहला अस्पताल है जहां प्रशिक्षण की आधुनिक लैबारेटरी तैयार की गई है। इस लैब में 52 मैनिकिन्स हैं, जिनपर मेडिकल की विभिन्न सियुएशन जैसे बर्न, रोड़ एकसीडेंट, डिलीवरी या अन्य ऐसी किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को किस तरह इलाज दिया जाएं इसका लाइव डेमा दिया जाएगा। क्योंकि मैनिकिन्स काफी हद तक मानवीय क्षति जैसे जलने की स्थिति, रोड़ एक्सीडेंट, चाइल्ड केयर आदि के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिससे जूनियर डॉक्टर अधिक बेहतर इलाज का प्रशिक्षण ले पाएगें। लैबोरेटरी में लगाए गए 52 मैनिकिन्स सात मेडिकल और सर्जिकल यूनिट एनीस्थिस्थियोलॉजी मेडिसिन, ओबोस्ट्रिक एंड गाइनकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, जनरल सर्जरी, ईएनटी और ऑप्थेमोलॉजी यानि आंखों के इलाज के लिए बनाए गए हैं। इसके लिए मेडिकल के छात्र इस बात की जानकारी हासिल कर पाएगें कि सूई कैसे लगाना है, खून के बहाव को कैसे रोकना है, सर्जरी कैसे करनी है, या फिर प्रसव के समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए, इन सभी मेडिकल सिचुएशन की मिमिक्स पर प्रशिक्षण लेने वाले डॉक्टर जब असली मरीजों का इलाज करेंगें तो गलती की गुंजाइश कम होगी या फिर न के बराबर होगी। इस बारे में अटल बिहारी बाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ अशोक कुमार ने बताया कि स्किल लैब को एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार तैयार किया गया है। केंद्र सरकार का यह पहला अस्पताल है जहां डॉक्टर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण लेकर मरीजों का इलाज करेगें, जिससे एमबीबीएस के मेडिकल छात्र मरीज के इलाज के दौरान आने वाली चुनौतियों और इससे निपटने के उपायों को अच्छी तरह समझ सकेगें। इस स्टेट ऑफ आर्ट लैबोरेटरी की शुरूआत कई विभागों के सामूहिक प्रयास से संभव हुई।

एनएबीएच हासिल करने वाला पहला अस्पताल बना आरएमएल

मंगलवार को अस्पताल प्रशासन द्वारा एक और जानकारी की औपचारिक घोषणा की, जिसके अनुसार राम मनोहर लोहिया अस्पताल और अटल बिहारी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस को एनएबीएच प्रमाणपत्र हासिल हुआ है, जो अस्पताल की चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। अभी तक यह सर्टिफिकेट टॉप प्राइवेट अस्पतालों जैसे मैक्स, फॉर्टिस, अपोलो, गंगाराम के अलावा ऑल इंडिया इंस्टीटयूट ऑफ आयुर्वेद और राज्य सरकारों के अधीन आने वाले कुछ अस्पतालों को मिला था.यहां तक कि एम्स दिल्ली को भी फुल एक्रेडिटेशन नहीं मिल पाया है. एम्स भी अभी NABH एक्रेडिटेशन के प्रोसेस में है।

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