भारत 2035 तक मेडिकल टूरिज्म का हब बनेगा 

  • हील इन इंडिया की ताजा रिपोर्ट में इस क्षेत्र में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की उम्मीद

नई दिल्ली

देश की बेहतर मेडिकल सुविधाएं विदेशियों को भी पंसद आ रही हैं, इसी आश्य से भारत सरकार द्वारा हील इन इंडिया अभियान की शुरूआत की गई। भारत को 2035 तक वैश्विक चिकित्सा केंद्र बनाने के लिए और विदेशी मरीजों का इलाज करने के लिए अस्पतालों को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने की जरूरत है। इस विषय पर बीते गुरूवार को एक रिपोर्ट जारी की गई।

हील इन इंडिया, कैटेलाइजिंग मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म फॉर ए हेल्दियर ग्लोबल फ्यूचर रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में मेडिकल टूरिज्म बाजार के 2025 के 18.2 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2035 तक 58.2 अरब अमेरिकी डॉलर होने की उम्मीद है।  मेडिकल टृरिज्म देश में 12.3 प्रतिशत की सालाना की दर से बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया निवेश आकर्षित करने एवं सेवा वितरण में सुधार के लिए भारत को राजकोषीय व गैर-राजकोषीय प्रोत्साहनों का संयोजन प्रदान करना चाहिए। इनमें विदेशी रोगियों का इलाज करने वाले अस्पतालों के लिए कर छूट, विपणन विकास सहायता योजना के तहत बढ़ी हुई सब्सिडी, डिजिटल मंच सहित विपणन व प्रचार के लिए तकनीकी सहायता और कल्याण केंद्रों सहित व्यापक चिकित्सकीय बुनियादी ढांचे में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) शामिल हैं। भारत चिकित्सा पर्यटन सूचकांक में 10वें और स्वास्थ्य पर्यटन में 7वें स्थान पर है।

क्या है मेडिकल टूरिज्म

‘मेडिकल टूरिज्म से तात्पर्य ऐसी व्यवस्था से है जिसमें लोग इलाज के लिए अपने देश से बाहर किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) द्वारा भारत में केपीएमजी के सहयोग से जारी की गई रिपोर्ट में दूतावासों, प्रदर्शनियों व डिजिटल मंचों के जरिये वैश्विक ब्रांडिंग अभियान शुरू करने और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर ‘हील इन इंडिया’ मिशन शुरू करने की सिफारिश की गई है। एफएचआरएआई के अध्यक्ष के. श्यामा राजू ने कहा,‘‘हील इन इंडिया, केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं बल्कि भारत की ब्रांडिंग का अवसर है। हम इस पहल को देखभाल के साथ संस्कृति, सुविधा के साथ विश्वसनीयता को जोड़ने का एक मौका मानते हैं।’

मेडिकल वीजा जारी करने की संख्या बढ़ी

भारत द्वारा जारी मेडिकल वीजा की संख्या 2024 में बढ़कर 4,63,725 हो गई जिनमें से अधिकतर मरीज बांग्लादेश, खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और अफ्रीका से आए। वैश्विक चिकित्सा पर्यटन बाजार 2024 में 41.75 अरब अमेरिकी डॉलर और कल्याण पर्यटन 954.14 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया था। इनके क्रमशः 2030 और 2034 तक दोगुना होने की उम्मीद है।

 

 

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