
- नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद कुमार पॉल ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह पर रखी यह बात
नई दिल्ली
नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद कुमार पॉल ने गुरूवार को फैमिली मेडिसिन में एमडी कोर्स शुरू करने की जरूरत बताई। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल डॉ पॉल ने कहा कि हमारे देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी नहीं है, लेकिन एक्सपर्ट डॉक्टर जनरल मरीजों को देखते हैं, जिससे उनका समय और उर्जा का सही प्रयोग नहीं होगा, इसके लिए फैमिली मेडिसिन में एमडी कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। जिससे परिवार के सदस्यो की सेहत का ब्यौरा फैमिली डॉक्टर के पास रहेगा, इससे शुरूआती स्तर पर ही कई बीमारियों का पता चल सकेगा, डॉ वीके पॉल ने टेरिटरी अस्पतालों के महत्व की भी बात कहीं। डॉ पॉल ने कहा के फैमिली मेडिसिन नेशनल मेडिकल काउंसिल एक्ट में भी बदलाव किया जाएगा, इसके साथ ही उन सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा, जिनकी वजह से अभी तक देश में इस कांसेप्ट पर काम नहीं हो पाया है।
एमबीबीएस पूरा करने वाले मेडिकल छात्रों से डॉ पॉल ने का कि मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश करने वाले छात्रों को बेहतर इलाज के साथ ही नैतिकता का भी पालन करना चाहिए, उन्होंने छात्रों से कहा कि वह जितने भी बड़े डॉक्टर या सर्जन बन जाएं लेकिन वह अपने माता पिता की सेवा करना नही भूलें। दीक्षांत समारोह में एंटीबायोटिक मेडिसिन पर एसओपी या गाइडलाइन भी जारी की गई, जिससे अस्पतालों और ओवर द काउंटर एंटी बायोटिक दवाओं के प्रयोग और बिक्री पर रोक लगाई जा सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लेडी हार्डिंग कॉलेज के सौ वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इंटीग्रेटेड स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बीत 11 सालों में देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में काफी सुधार हुआ है, आज जो 250 से अधिक छात्र मेडिकल की डिग्री लेकर निकलेगें उन्होंने कोविड का दौर भी देखा है, इसलिए वह इस क्षेत्र जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से वहन कर सकेगें। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं की महानिदेशक डॉ सुनीता शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश परीक्षा के समय उनका चयन सीपीएमटी में नहीं हो पाया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और फिर नये सिरे से तैयारी शुरू की, जिसके बाद उनका चयन लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में हो गया। इसलिए उन्होंने कहा कि छात्रों को कभी हार नहीं माननी चाहिए।
कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट जारी
कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए निदेशक डॉ सरिता बेरी ने कहा कि वर्ष 2024 में कॉलेज से 240 एमबीबीएस की महिला मेडिकल स्नातक पास हुईं। जबकि 150 ऐसे छात्र थे जिन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट और सुपरस्पेशलिटी की डिग्री प्राप्त कीं। डॉ सरिता ने मेडिकल कॉलेज की शिक्षा गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर विश्व भर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डिग्री के साथ ही दीक्षांत समारोह में चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया। समारोह में 600 मेडिकल छात्रों को एमडी, एमसीएच, डीएमएस और कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
एलएचएमसी में बनेगी धर्मशाला
- मरीजों के परिजनों के ठहरने की परेशानी को देखते हुए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में विश्राम सदन का निर्माण कार्य जारी है
- इसके साथ ही पीडियाट्रिक विभाग के नये ब्लॉक के निर्माण की मंजूरी दे द गई, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
- मेडिकल के छात्रों के हॉस्टल, ब्लड बैंक और सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा।