
- राज्यसभा में स्वाति मालिवाल के सवाल पर सरकार ने दी जानकारी।
नई दिल्ली।
दिल्ली से राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल द्वारा दिल्ली और पंजाब में कैंसर की बढ़ती घटनाओं, उनकी रोकथाम को लेकर संसद में सवाल पुछा। सांसद मालिवाल ने सवाल पुछते हुए कहा दिल्ली में कैंसर अस्पताल का बुरा हाल है, मैंने खुद दिल्ली स्टेट कैंसर अस्पताल में विजीट की है।
रात भर उस अस्पताल के बाहर लोग ठंड में कहराते रहते है, मरीज सड़कों पर पड़े रहते हैं। अस्पताल में कोई वेटिंग रुम नहीं है, इसके साथ ही मरीजों के लिए कमरों की संख्या भी बहुत कम है। स्वाति मालिवाल ने पूछा क्या सरकार दिल्ली में दिल्ली सरकार के साथ मिलकर कैंसर अस्पताल की संख्या बढ़ाएंगे? खासकर दिल्ली देहात में कैंसर अस्पताल खोले जाएंगे? इससे आगे सरकार से पंजाब से संबधित पुछा कि पंजाब में आज भी यही हाल है लोगों को कैंसर ट्रेन में बैठकर पड़ोसी राज्यों में इलाज के लिए जाना पड़ता है तो क्या माननीय मंत्री जी दिल्ली व पंजाब में कैसर अस्पताल खुलवाएंगे?
राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल द्वारा पुछे गए प्रश्न के उत्तर में सरकार ने जो आंकड़े सदन के पटल पर रखे हैं, वे गहरी चिंता पैदा करने वाले हैं। सांसद सुश्री स्वाति मालिवाल का कहना है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार दिल्ली में कैंसर की एज अजस्टड इनसीडेंस रेट (AAIR) देश के कई प्रमुख महानगरों व राज्यों से अधिक है। दिल्ली में प्रति एक लाख जनसंख्या पर पुरुषों में 146.7 और महिलाओं में 132.5 कैंसर के मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जो मुंबई, कोलकाता, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों से भी ज्यादा हैं। वहीं पंजाब के पटियाला क्षेत्र में यह दर पुरुषों में 69.6 और महिलाओं में 80.7 बताई गई है।*
सांसद स्वाति मालिवाल के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रिय स्वास्थ्य एवं परिवार राज्य मंत्री श्री प्रतापराव गणपतराव जाधव द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि दिल्ली और पंजाब दोनों में कैंसर के मामलों में वर्ष दर वर्ष निरंतर वृद्धि हो रही है। दिल्ली में फेफड़े, मुंह और प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में तेजी से बढ़ रहे हैं, जबकि महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पंजाब में भी स्तन और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तथा प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं।
केंद्रिय स्वास्थ्य एवं परिवार राज्य मंत्री श्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने संसद को बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के माध्यम से कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और इलाज के लिए ढांचा तैयार किया गया है। 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की आबादी आधारित स्क्रीनिंग की जा रही है और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से जागरूकता और जीवनशैली सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार ने यह जानकारी भी दी कि केंद्रीय बजट 2025-26 में अगले तीन वर्षों के भीतर देशभर के जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर्स स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिनमें से 297 केंद्रों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त ईट राइट इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और योग आधारित कार्यक्रमों को भी कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम से जोड़ा गया है।

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