रिया चक्रवर्ती ने कराएं एग फ्रीज, जाने क्या है एग फ्रीजिंग का सही तरीका

Riya Chakraborty got her eggs frozen. Learn what is the proper way of egg freezing, how much it costs for an ordinary woman to get her eggs frozen at the right age, and what the medical process is.
Riya Chakraborty got her eggs frozen. Learn what is the proper way of egg freezing, how much it costs for an ordinary woman to get her eggs frozen at the right age, and what the medical process is.

नई दिल्ली

कैरियर की चिंता, काम का दवाब और जीवन में आगे बढ़ने की महत्कांक्षा के बीच महिलाएं मातृत्व सुख को टाल रही है, इसके लिए कम उम्र में एग फ्रीज करवा कर वह इस बात को सुनिश्चित करती हैं कि जब वह प्राकृतिक रूप से मां बनना प्लान करेगीं तो फ्रीज एग की मदद से गर्भधारण कर सकेगीं। पहले राखी सावंत, एकता कपूर, मोना सिहं के बाद अब रिया चक्रवर्ती ने एग फ्रीज करवाएं है। सेलिब्रिटी की देखा देखी यह चलन आम कामकाजी महिलाओं के बीच भी काफी प्रचलित हो रहा है, जो कैरियर या पारिवारिक वजहों की वजह से सही उम्र में गर्भधारण या बच्चा प्लान नहीं कर पाती हैं। दरअसल यह एक खचीर्ली प्रक्रिया है, आइए जानते हैं एक साधारण महिला के लिए सही उम्र में एग फ्रीज करवाने का कितना खर्च आता है, और इसकी मेडिकल प्रक्रिय क्या है?

छह चरणों में पूरी होती है एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया

एग फ्रीजिंग एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिससे एक महिला अपने एग्स को संरक्षित करा कर भविष्य में मां बनने के लिए इनका प्रयोग कर सकती है। साधारण दिखने वाली यह प्रक्रिया पूरे छह चरणों में पूरी होती है।

पहली प्रक्रिया कंसलटेंसी और टेस्टिंग

पहली प्रक्रिया में एग फ्रीज कराने की इच्छा रखने वाली महिला की काउंसलिंग की जाती है कि वह क्या सही मायने में एग फ्री करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है, यदि हां तो इसके पीछे क्या ठोस वजहें हैं। इसके बाद महिला की हार्मोन्स टेस्टिंग की जाती है, एएमएच, एफएसएच और एलएच हार्मोन टेस्ट रिपोर्ट ओके होने के बाद अल्ट्रासाउंट किया जाता है, जिससे ओवेरियन की सही स्थिति का पता लगाया जा सके,  इसके बाद महिला से एग फ्रीज होने के समय, निर्धारित समय और इससे जुड़े रिस्क पर विस्तृत चर्चा की जाती है।

दूसरा चरण हार्मोन्स इंजेक्शन- दस से 12 दिनों तक चलने वाली इस प्रक्रिया में नियमित रूप से हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए जाते हैं, इस प्रक्रिया को ओवेरियन सि्चुमूलेशन कहा जाता है, इसके साथ ही रेगुलर ब्लड टेस्ट के जरिए फॉलिसेल्स की ग्रोथ को मॉनिटर किया जाता है। फॉलिसेल्स एक सामान्य महिला में रोजाना एक से दो एमएम तक बढ़ते हैं। जिसे एक महीने के मेनुस्ट्रल साइकल के आधार पर गिना जाता है।

ट्रिगर इंजेक्शन- यह तीसरी और सबसे अहम प्रक्रिया है, जिसमें एचजीजी या ऐसे ही किसी हार्मोन के माध्यम से एग्स को मैच्योर किया जाता है। इसे महिला के फॉलिसेल्स प्राप्त करने की प्रक्रिया के शुरू होने के 34 से 36 घंटे के पहले दिया जाता है।

एग रिट्राइवल और ओवम पिकअप- इस प्रक्रिया में हल्के एनीस्थिसिया का प्रयोग किया जाता है, 15 से 20 मिनट की इस प्रक्रिया में ओवरी से एग को निकाला जाता है, इसके लिए एक महीन सुई को वैजाइनल वॉल में डाल कर फॉलिसिल्स से एग्स को एकत्रित किया जाता है।

एग फ्रीजिंग या क्रेप्टोप्रीजरेवेशन- मैच्योर एग्स को वीट्रिफिकेशन जैसी उच्च तकनीक के माध्यम से संरक्षित किया जाता है, जिससे एग्स काफी समय से सुरक्षित और संरक्षित रहते हैं।

भविष्य में प्रयोग- छठी और आखिरी प्रक्रिया होती है संरक्षित एग्स का भविष्य में किस तरह प्रयोग किया जा सकता है। दंपति के संतानसुख लेने के निर्णय पर महिला के एग्स को पुरूष के वीर्य या शुक्राणुओं के साथ मिलाकर एब्रायो तैयार किया जाता है, इस एब्रायो को महिला के गर्भ या यूट्रेस में ट्रांसफर कर दिय जाता है, जिसके बाद महिला सामान्य रूप से गर्भधारण कर सकती है।

खर्चा और समय

भारत में एग फ्रीजिंग के लिए डेढ़ लाख रुपए से 30 लाख रूपए तक का खर्च लिए जा रहा है, एग फ्रीजिंग का शुल्क क्लीनिंग की गुणवत्ता और शहर के अनुसार कम या ज्यादा होती है। इसके साथ एग फ्रीजिंग में दस से 12 साल तक एग्स को प्रीजर्व या संरक्षित कराया जा सकता है। हालांकि इस प्रक्रिया में हार्मोन्स के इंजेक्शन दिए जाते हैं इसलिए प्रक्रिया के दौरान कुछ परेशानियां होने की संभावना हमेशा बनी रहती है।

इन सेलिब्रिटी ने कराएं एग फ्रीज

रिया चक्रवर्ती

एकता कपूर

मोना सिंह

तनीशा मुखर्जी

राखी सावंत

दिलनाज ईरानी

 

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