इंदिरा गांधी के सुरक्षा अधिकारी रहे, 106 साल के हुए बलदेव राज

Sanjeevan Hospital, Daryaganj, in association with the National Medical Forum (NMF), organized a specialfelicitation ceremony today to honour the extraordinary resilience and spirit of Sh. Baldev Raj Dutta (
Sanjeevan Hospital, Daryaganj, in association with the National Medical Forum (NMF), organized a special
felicitation ceremony today to honour the extraordinary resilience and spirit of Sh. Baldev Raj Dutta ( age 106 years)
  • दिल्ली पुलिस में पूर्व एसीपी बलदेव राज की उम्र 106 साल, डॉक्टरों सहित परिवार ने किया सम्मानित
  • पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी भी रहें

नई दिल्ली

देश की आजादी के पहले का भारत और स्वतंत्र भारत के प्रत्यक्षदर्शी हैं दिल्ली पुलिस के एक जाबाज अधिकारी, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी निभाने वाले दिल्ली के पूर्व एसीपी बलदेव राज दत्ता के सम्मान में संजीवन अस्पताल ने नेशनल मेडिकल फोरम के सहयोग से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम था, बलदेव राज दत्ता (106) की विल टू लिव को सम्मानित करने का, जिसमें उनके बेटे ने पिता के जीवन से जुड़े कई पहलूओं पर प्रकाश डाला। 106 साल का सफर पूरा करने वाले बलदेव राज दत्ता दिल्ली पुलिस के सबसे वयोवृद्ध अधिकारी (पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त, एसीपी) हैं। जिन्हें सम्मानित किए जाने के कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के सेवारत विशेष पुलिस आयुक्त श्री रॉबिन हिबू शामिल हुए।

संजीवन अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ प्रेम अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि यह हमारे लिए एक सौभाग्य का विषय है कि अस्पताल को इनते सम्मानित पुलिस अधिकारी की मेडिकल सेवा करने का अवसर मिला, डॉ प्रेम ने बताया के अस्पताल में सौ साल से अधिक उम्र के आने वाले सभी मरीज हमारे परिवार का एक हिस्सा बन जाते हैं, जिनका विशेष रूप से ख्याल रखा जाता है, वयोवृद्ध होने के बादजूद भी बलदेव राज दत्ता अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का वहन अभी तक करते हैं और हर साल नियमित रूप से इनकम टैक्स जमा करते हैं। दिल्ली पुलिस में स्पेशल कमिश्नर रॉबिन हिबू ने कहा कि बलदेव राज की अब तक की दिनचर्या से दिल्ली पुलिस के बाकी अधिकारियों को भी बहुत कुछ सीखना चाहिए, हम देखते हैं कि अभी सेवा में आने के कुछ साल बाद ही जवानों की तोंद निकलने लगती हैं, स्वस्थ दिनचर्या ही बेहतर जीवन का आधार होना चाहिए। बलदेव राज के पुत्र ने बताया कि कुछ समय पहले पापा का सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल मे ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, इसके बाद संजीवन अस्पताल ने पापा को नया जीवन दिया, इस समय वह खतरे से बाहर हैं और धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं।

बलदेव राज दत्ता के इलाज में लगी टीम में डॉ मानव अग्रवाल, डॉ मृगाक्षी अग्रवाल और डॉ शिखर वर्मा का विशेष सहयोग रहा।

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