
- सफदरजंग अस्पताल के बाद सोनम को कोर्ट के आदेश के बाद गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
पर्यावरण कार्यकर्ता और नीट पेपर लीक मामले पर 23 दिन के अनशन के बाद सोमवार को सोनम वांगचुक को गुरूग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के छुट्टी दे दी गई। सोनम वांगचुक ने इस बात की जानकारी ट्वीट के माध्यम से दी, उन्होंने मेदांता अस्पताल के स्टाफ की तारीफ करते हुए कहा कि यहां बेहतर स्वास्थ्य देखभाल दी गई, आगे की रणनीति पर उन्होंने कहा कि राजघाट के बाद वह सीधे अपनी पहाड़ों की दुनिया में वापस चले जाएगें। इससे पहले उनकी पत्नी गीतांजलि द्वारा हाईकोर्ट में दी गई दलील के बाद सोनम को इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। मालूम को कि सफदरजंग अस्पताल में रहते हुए सोनम वांगचुक का एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें अस्पताल में बंधक बना कर रखा गया है, कड़ी सुरक्षा के चलते उनपर निगरानी रखी जा रही है। मालूम हो कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के आश्वासन के बाद 23 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दिया था।
कॉकरोच जनता पार्टी के नीट पेपर लीक मामले पर शुरू हुए विरोध में पर्यावरण विद् सोनम ने अपना अनशन 28 जून को शुरू किया तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नढ्डा द्वारा 23 जुलाई को उनका अनशन समाप्त हुआ। अब तक विभिन्न मुद्दों पर किए गए अनशन में यह उनका सबसे लंबा चलने वाला अनशन रहा, जो कि पूरे 26 दिन चला, इससे पहले उन्होंने लद्दाख से जुड़े राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के लिए 21 दिन का अनशन किया, छह मार्च को शुरू हुआ यह अनशन 26 मार्च को खत्म हुआ।