
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
पिछले कुछ दिनों से आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) गूगल पर सबसे अधिक खोजे जाने वाले स्वास्थ्य विषयों में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी वजह संसदीय स्थायी समिति की वह सिफारिश है, जिसमें योजना के तहत मिलने वाले ₹5 लाख के स्वास्थ्य बीमा कवर को बढ़ाकर ₹10 लाख प्रति परिवार करने का सुझाव दिया गया है। जब पूरे देश में आयुष्मान भारत की बीमा राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की सिफारिश चर्चा में है, तब दिल्ली के पात्र लाभार्थियों को पहले से ही केंद्र की ₹5 लाख PM-JAY कवरेज के साथ दिल्ली सरकार का ₹5 लाख अतिरिक्त टॉप-अप मिलाकर कुल ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध है। दिल्ली में भाजपा की सरकार आने के बाद ही योजना के तहत मिलने वाले स्वास्थ्य बीमा की धनराशि को पांच लाख से बढ़ा कर दस रूपए कर दिया था, इसमें पचास प्रतिशत की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है।
समिति का कहना है कि कैंसर, हृदय रोग, अंग प्रत्यारोपण और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा ₹5 लाख का कवर कई परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं रह गया है। यदि भविष्य में इस सिफारिश को सरकार स्वीकार करती है, तो लाखों लाभार्थियों को महंगे इलाज में अधिक वित्तीय सुरक्षा मिल सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल सरकार ने ₹10 लाख की कवरेज को मंजूरी नहीं दी है। अभी आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹5 लाख प्रति वर्ष तक का कैशलेस उपचार ही उपलब्ध है।
इसी बीच आयुष्मान भारत एक अन्य कारण से भी चर्चा में है। हाल ही में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI) को आगे बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न डिजिटल हेल्थ ऐप्स के माध्यम से अस्पताल खोजने, डॉक्टर से परामर्श लेने और अपॉइंटमेंट बुक करने जैसी सुविधाएं अधिक सहज बनाना है। पश्चिम बंगाल में भी हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण आयुष्मान भारत चर्चा में बना हुआ है। राज्य में योजना के विस्तार और इससे जुड़े सरकारी निर्णयों ने भी लोगों की रुचि बढ़ाई है।
आयुष्मान भारत योजना क्या है?
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इसके तहत पात्र गरीब एवं वंचित परिवारों को देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
यदि ₹10 लाख की सिफारिश लागू होती है तो संभावित लाभ
- कैंसर और हृदय रोग जैसे महंगे उपचार में अधिक आर्थिक सुरक्षा।
- अंग प्रत्यारोपण और जटिल सर्जरी का खर्च वहन करने में सहायता।
- मरीजों की जेब से होने वाले स्वास्थ्य खर्च (Out-of-Pocket Expenditure) में कमी।
- गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को गंभीर बीमारियों में बेहतर उपचार तक पहुंच।
ध्यान रखें
फिलहाल ₹10 लाख का कवर लागू नहीं हुआ है। यह केवल संसदीय समिति की सिफारिश है। योजना में किसी भी बदलाव का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही प्रभावी होगा।