समोसा जलेबी पर सरकार सख्त? क्या है सच्चाई

The Ministry of Health and Family Welfare, Government of India has issued an order to install health warning boards for snacks like samosas and jalebis in government canteens and restaurants across the country.
The Ministry of Health and Family Welfare, Government of India has issued an order to install health warning boards for snacks like samosas and jalebis in government canteens and restaurants across the country.

नई दिल्ली

एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी खबर के बाद मंगलवार सुबह से ही इंटरनेट की दुनिया में समोसा जलेबी ट्रेंड करने लगा, कई तो अपने कॉलेज के दिनों में कैंटीन की यादों में गुम हो गए तो किसी ने कहा कि इस भारतीय स्नैक्स के बीच आवभगत अधूरी है। लेकिन पीआईबी के फैक्ट चेक में नया तथ्य सामने आया, जिसमें यह देखा गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को समोसा और जलेबी से किसी तरह का परहेज नहीं बल्कि इसमें मौजूद तेल और शर्करा या चीनी को लेकर है। भारतीयों में बहुत ही प्रचलित इस स्नैक्स के बहाने लोग अधिक तेल और चीनी का सेवन कर रहे हैं, जिससे देश में मोटापे की समस्या बढ़ रही है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि समोसा और जलेबी से कहीं ज्यादा हानिकारक फास्ट फूड और संरक्षित खाद्य पद्धार्थ हैं।

मसला ये है कि जलेबी की मिठास और समोसे की चटपटाहट के साथ सेहत की चेतावनी भी मिलेगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर के केंद्रीय संस्थानों को “तेल और शक्कर बोर्ड” लगाने का आदेश दिया है। अब वेंडर्स को यह बताना होगा कि जो नाश्ता वे परोस रहे हैं, उसमें कितनी चीनी, तेल या अनहेल्दी तत्व हैं और वह सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है। यह कदम जंक फूड को सिगरेट जैसी चेतावनी के दायरे में लाने की शुरुआत है। जल्द ही लड्डू, वड़ा पाव और पकौड़े जैसे स्वादिष्ट खाने के पास चेतावनी बोर्ड दिखेंगे, जो लोगों को सोचने पर मजबूर करेंगे।

कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के नागपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अमर अमाले ने कहा – “यह खाने की चीजों की लेबलिंग को सिगरेट की चेतावनी जितना गंभीर बनाने का पहला कदम है। चीनी और ट्रांस फैट अब नए ‘तंबाकू’ हैं। लोगों को यह जानने का हक है कि वे क्या खा रहे हैं।” सरकार फास्ट फूड पर बैन लगाने की बजाय वॉर्निंग बोर्ड के सहारे लोगों को अपनी सेहत का ख्याल रखने की नसीहत देंगी। यानी अब हर लजीज नाश्ते के साथ एक बोर्ड पर लिखा होगा, “खाइए, मगर सोच-समझकर।”

मालूम हो कि भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक, 2050 तक करीब 45 करोड़ भारतीय मोटापे के शिकार हो सकते हैं, जिससे भारत इस मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर होगा। अभी भी शहरी क्षेत्रों में हर पांचवां व्यक्ति मोटापे से परेशान है। बच्चों में भी मोटापा बढ़ रहा है, जिसकी वजह खराब खानपान और कम शारीरिक गतिविधि है। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह कदम लोगों को जागरूक करने और खाने की आदतों में बदलाव लाने की कोशिश है।

स्नैक्स पर नहीं, तेल और चीनी पर चेतावनी

सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर इन दिनों तेजी से एक मैसेज वायरल हो रहा है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर की सरकारी कैंटीनों और रेस्टोरेंट में समोसे, जलेबी जैसे स्नैक्स के लिए स्वास्थ्य चेतावनी बोर्ड लगाने का आदेश जारी किया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को झूठा बताया और कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह में भारतीय स्नैक्स पर कोई चेतावनी लेबल नहीं है। पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, यह सामान्य सलाह लोगों को सभी खाद्य उत्पादों में छिपे वसा और अतिरिक्त चीनी के बारे में जागरूक करने के लिए एक व्यवहारिक प्रेरणा है, न कि किसी विशेष खाद्य उत्पाद के बारे में। यह सलाह कार्यस्थलों पर स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों और पहलों के लिए है और लोगों से आग्रह करती है कि वे अतिरिक्त तेल और चीनी का सेवन कम करके स्वस्थ आहार और जीवनशैली अपनाएं।

#FoodWarningLabel #JunkFood  #Samosa #Jalebi #Food

https://www.indiatoday.in/health/story/health-warnings-on-samosas-jalebis-pakoras-to-tackle-lifestyle-diseases-india-2755456-2025-07-14

https://www.business-standard.com/health/health-ministry-clarifies-no-warning-labels-for-samosa-jalebi-125071501269_1.html

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *