
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्ढा कल भारत मंडपम में भारत के स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुदि्धमता यानि एआई के दो महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साही और बोध लांच करेंगे
नई दिल्ली
एआई का दखल भविष्य में लगभग हर क्षेत्र में होगा और इसकी शुरूआत भी हो चुकी है। अब डॉक्टर्स एआई की मदद से रोबोटिक सर्जरी कर रहे हैं वहीं सटीक डेटा परिणामों के लिए भी एआई का प्रयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत मंडपम में जारी एआई समिट में भारत के स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुदि्धमता की रणनीति साही Strategy for Artificial Intelligence in Healthcare for India (SAHI) (एसएएचआई) और बोध Benchmarking Open Data Platform for Health AI (BODH) का शुभारंभ करेगें।
एसएएचआई साह भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित, नैतिक, साक्ष्य-आधारित और समावेशी रूप से अपनाने में सक्षम बनाने हेतु राष्ट्रीय मार्गदर्शन का प्रारूप है। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों के संचालन, डेटा प्रबंधन, सत्यापन, अनुप्रयोग और निगरानी पर महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करना है, साथ ही राज्यों और संस्थानों को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप इसे दायित्वपूर्ण तरीके से अपनाने में सहायता करना है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित स्वास्थ्य सेवा में एआई के लिए बेंच मार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (बीओडीएच) निजी गोपनीयता-सुरक्षित रखने वाला मानक प्लेटफॉर्म है, जो अंतर्निहित डेटासेट को साझा किए बिना विविध, वास्तविक स्वास्थ्य डेटा के उपयोग से एआई मॉडल के सटीक मूल्यांकन को सक्षम बनाता है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत डिजिटल सार्वजनिक संसाधन के रूप में, इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में विश्वास, पारदर्शिता और गुणवत्ता आश्वासन सुदृढ़ बनाने हेतु तैयार किया गया है।
देश में स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की रणनीति (एसएएचआई) और स्वास्थ्य आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (बीओडीएच), भारत की सुदृढ़, दायित्वपूर्ण और वैश्विक तौर पर प्रतिस्पर्धी स्वास्थ्य एआई पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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