
नई दिल्ली
मानसून /चतुर्मास में खाने पीने का बहुत ध्यान रखना चाहिए क्योंकि बारिश के कारण छोटे छोटे जीव कीड़े मकोड़े बहुत ज्यादा पैदा हो जाते हैं ये अपने बिलों से बाहर भी आ जाते हैं और खाद्य पदार्थो को अपना ठिकाना बना लेते हैं जिनके माध्यम से ये हमारे शरीर में जाकर अनगिनत अनावश्यक बीमारियों का कारण बनते हैं. इसलिए खाने पीने में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी है, जिससे बेवजह बीमारियों के शिकार न बन जाएं।
पानी उबाल कर पीयें या आपने पीने का पानी जिस बर्तन में रखा है उसमे एक चावल के दाने के बराबर फिटकरी डाल दें. या फिर उसमे एक चम्मच अजवाइन किसी साफ कपड़े में बाँध कर डाल दें.
फल सब्जियां कम से कम तीन बार जरूर धुलें. हरी पत्ते वाली सब्जियाँ न खाएं.
नींबू का सेवन नियमित करें.
गिलोय, अजवाइन, कलोंजी और लाल मिर्च ज्यादा मात्रा में घर में रखें. लाल मिर्च खानी नहीं है कोई कीड़ा काट लेने पर पीस कर लगानी है ताकि कीड़े का जहर तुरंत ख़त्म हो जाये, कुत्ता या साँप काटने पर भी ये बहुत तेज काम करती है. फिटकरी से रोज नहाएं, मल द्वार मूत्रद्वार फिटकरी से वाश करेंगे तो UTI की समस्या से बच्चे रहेंगे.
दूध दही का सेवन न करें.
डायरिया, हैजा, मलेरिया, बुखार, खांसी, हो जाय तो सबसे पहले कलोंजी पीस कर आधा चम्मच खा लीजिये बहुत तेज काम करती है