सरकार ने कोरोना टीकाकरण नीति में किए हैं कई बदलाव

-निजी अस्पताल कोरोना वैक्सीन का शुल्क खुद निर्धारित कर सकेंगे
-18 साल से अधिक उम्र के सभी को लगेगा कोरोना का टीका
– कोविड वैक्सीन प्रोटोकॉल के साथ ओपेन बाजार में भी मिलेगी कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली,
केन्द्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन पॉलिसी में बदलाव करते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं। जिससे खुले बाजार में वैक्सीन की उपलब्धता अधिक हो सके। अधिक से अधिक लोग वैक्सीन लगावा सके इसके लिए 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण एक मई से शुरू दिया जाएगा। राज्यों सरकारें अकसर वैक्सीन का स्टॉक नहीं होने की बात करती आई हैं, इसलिए सभी प्रमाणिम और स्वीकृत वैक्सीन निर्माताओं से कहा गया कि वह कुल वैक्सीन उत्पादन का पचास प्रतिशत सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटी को देगीं तथा शेष पचास प्रतिशत वैक्सीन राज्यों को दी जाएगी। इसी पचास प्रतिशत में कंपनियां खुले बाजार में भी वैक्सीन का वितरण कर सकेगीं, जिसके लिए उन्हें शुल्क निर्धारण की स्वतंत्रता दी गई है।
16 जनवरी से शुरू देश का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम अब अपने तीसरे चरण में कदम रखेगा, इसमें सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र की एक बड़ी आबादी को कोरोना का वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले एक अप्रैल से 45 से अधिक आयु वर्ग और एक मार्च से बुजुर्गो का टीकाकरण शुरू किया गया था। केन्द्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार नई टीकाकरण नीति में सरकार ने शुल्क पर नियंत्रण हटा दिया है, जिससे अधिक लोगों को वैक्सीन दिया जाएं, राज्यों के पास कुल वैक्सीन उत्पादन का पचास प्रतिशत आपूर्ति किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खुले बाजार में मिलने वाली वैक्सीन के लिए भी कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा, कोविन एप पर पंजीकरण करने के बाद ही वैक्सीन लगवाई जा सकेगी, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना टीकाकरण पर सरकार की निगरानी रहेगी। अभी केन्द्र सरकार ने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड के अलावा रूस की स्पूतनिक वी को इमरजेंसी प्रयोग की अनुमति दी है। जिसका निर्माण भी भारत में ही किया जाएगा।

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