
- दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के समय बनाए गए मोहल्ला क्लीनिक को अब आरोग्य क्लीनिक के रूप में विकसित किया जाएगा
- सेवाएं रद्द करने के डर से मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर और स्टाफ प्रतिनिधि मंडल एलजी से मिला
नई दिल्ली
दिल्ली की सरकार बदल चुकी है, इसके साथ ही कई बड़ी परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया गया है। इस बीच बीती सरकार के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई योजनाएं काम करेगीं या नहीं यह निश्चित नहीं है। निशुल्क डीटीसी बस सेवाओं के लिए नई व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसके तहत डीटीसी बस में सफर करने वाली महिलाओं को पिंक टोकन की जगह पास दिखाना होगा, यह पास केवल दिल्ली में रहने वाली महिलाओं को ही जारी किया जाएगा। पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की एक अन्य अहम योजना मोहल्ला क्लीनिक को आरोग्य मंदिर में बदला जाएगा, लेकिन मोहल्ला क्लीनिक पर काम करने वाले डाक्टर और अन्य स्टाफ की सेवाएं जारी रहेगीं या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इसी बीच नौकरी जाने के डर से मोहल्ला क्लीनिक डॉक्टर और स्टाफ का एक प्रतिनिधि मंडल उपराज्यपाल से मिला और आयुष्मान अरोग्य मंदिर में नई नियुक्तियों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
मोहल्ला क्लीनिक प्रतिनिधि मंडल के प्रवक्ता डॉ रमेश बंसल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक की जगह आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की घोषणा की है, इसके लिए एक साल के कार्यकाल की नई नियुक्तिकयां किए जाने की सूचना हमें मिली, डॉ बंसल ने बताया कि मोहल्ला क्लीनिक पर तैनात किए गए सभी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉप की नियुक्ति योग्यता के आधार पर वर्ष 2018 में जारी एक विज्ञापन के माध्यम से मेरिट के आधार पर की गई थी, इसलिए डॉक्टरों की नियुक्तियों को राजनीति के दृष्टिकोण से न देखा जाए। दिल्ली सरकार नए डॉक्टरों की नियुक्ति नये मानकों के आधार पर करने का विचार बना रही है, जिसमें उम्र की सीमा भी तय की जाएगी, इसके आधार पर वर्तमान में काम कर रहे 50 प्रतिशत डॉक्टर अयोग्य साबित हो जाएगें। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों को कम से कम एक साल का एक्सटेंशन दिया जाएं, जिससे डॉक्टर के मॉस या सामुहिक बर्खास्तगी को रोका जा सके। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी कहा कि डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए चयनित एजेंसियों को भी इस बात के लिए सचेत किया जाएं जिससे दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा किसी भी तरह बाधित न हो। प्रतिनिधि मंडल में डॉ चंदर शेखर मोहाल, डॉ सुनीता वर्धन, डॉ धीरज मल्होत्रा और डॉ गोपाल झा शामिल थे। उपराज्यपाल विजेन्दर गुप्ता ने डॉक्टरों के मुद्दों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की परेशानी को ध्यान में रखकर ही किसी भी तरह का निर्णय लिया जाएगा।
कुछ अन्य बिंदु
- दिल्ल मोहल्ला क्लीनिक में इस समय कुल 500 डॉक्टर और 1500 पैरा मेडिकल स्टाफ काम कर रहा है।
- आयुष्मान अरोग्य मंदिर के लिए दिल्ली सरकार नई बिल्डिंग बनाएगी, जबकि मोहल्ला क्लीनिक के पोर्टा केबिन को अभी तक छुआ भी नहीं गया है।
- दिल्ली सरकार पोलीक्लीनिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान अरोग्य मंदिर में परिवर्तित करेगी।
- इसके लिए 31 मार्च 2026 तक अतिरिक्त 1100 आयुष्मान अरोग्य मंदिर के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, तय तिथि तक यदि अरोग्य मंदिर नहीं बन पाए, तो 2000 करोड़ रुपए की सहायता राशि केंद्र को वापस कर दी जाएगी।
