
- 12वीं बोर्ड परीक्षा की अनदेखी पेपर लीक का मुख्य कारण
- मंत्री नहीं, नीतिगत बदलाव से रुकेंगी प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं : डॉ. कुलभूषण शर्मा
- प्रधानमंत्री से नेशनल एग्जामिनेशन रिफॉर्म कमीशन बनाने की मांग
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता
देश के सबसे बड़े निजी स्कूल संगठन नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (नीसा) ने नीट, जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर चिंता और रोष व्यक्त किया है। संगठन ने पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल एग्जामिनेशन रिफॉर्म कमीशन के गठन की मांग की है।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नीसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुलभूषण शर्मा ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा की महत्ता कम होने के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में 12वीं बोर्ड के अंकों को महत्व नहीं मिलने के कारण छात्र डमी स्कूलों में दाखिला लेकर कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों का बजट अब देश के शिक्षा बजट के लगभग बराबर पहुंच गया है। भारी आर्थिक लाभ के कारण कुछ असामाजिक तत्व पेपर लीक जैसे अपराधों को अंजाम देने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद अक्सर मंत्री और अधिकारियों के इस्तीफे की मांग उठती है, लेकिन इन घटनाओं को केवल इस्तीफों से नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नीतिगत सुधारों के जरिए रोका जा सकता है।
नीसा के ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. दिलीप मोदी ने कहा कि सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी में केवल दिल्ली के स्कूलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि यह एक केंद्रीय बोर्ड है, इसलिए इसमें देश के सभी राज्यों के स्कूलों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने वर्ष 2024 में कोचिंग गाइडलाइंस तैयार की थीं, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कोचिंग गाइडलाइंस 2024 को राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में लक्ष्य छाबड़िया, देवेंदर अरोड़ा, कोडाराम सहित नीसा के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।