आयुष में इंश्योरेंस के लिए समर्पित सेंटर (पीएमयू) की शुरूआत

Union Minister Shri Prataprao Jadhav inaugurates Departmental Summit on 'National Ayush Mission and Capacity Building in States' at AIIA, New Delhi
Union Minister Shri Prataprao Jadhav inaugurates Departmental Summit on ‘National Ayush Mission and Capacity Building in States’ at AIIA, New Delhi
  • जल्द ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना में आयुष इंश्योरेंस को जोड़ा जाएगा
  • प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, यूनिट टीपीए और इंश्योरेंस से जुड़ी परेशानियां दूर करेगी

नई दिल्ली

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष मंत्रालय श्री प्रतापराव जाधव ने बुधवार को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद नेशनल आयुष मिशन के अंर्तगत आयोजित डिपार्टमेंटर समिट का औपचारिक उद्घाटन किया। दो दिवसीय समिट में विभिन्य राज्यों के आयुष अधिकारी और अतिरिक्त सचिव शामिल हुए है। इसी क्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा आयुष में इंश्योरेंस से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए एक समर्पित यूनिट पीएमयू का उद्घाटन किया, इस यूनिट को एक कॉल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिसमें आयुष पद्धति में इलाज के जुड़ी इंश्योरेंस की परेशानियां जैसे टीपीए, एप्रूवल आदि का समाधन संभव हो पाएगा। इस अवसर पर 23 सितंबर को पहली बार आयुष दिवस की कार्ययोजना की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि आयुष को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारको और राज्य प्रतिनिधियों की साझेदारी ने एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली विकसित की जा ही हैं, जिसके लिए राज्यों को एसओपी या जरूरी दिशा निर्देश समय समय पर जारी किए जाते हैं, सरकार का प्रयास है कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के साथ मिलाकर एकीकृत स्वास्थ्य व्यवस्था का लाभ देश के प्रत्येक नागरिक को पहुंचाया जा सके। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदृष्टि और मार्गदर्शन में वर्ष 2014 में नेशनल आयुष मिशन की शुरूआत की गई। मिशन के तहत देशभ भर में 12500 आरोग्य मंदिर शुरू करने क लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुष प्रणाली में सुधार और इसको और अधिक बेहतर बनाने के लिए चार मार्च वर्ष 2024 में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड आइपीएचएस की शुरूआत की गई, जो आयुष हेल्थ केयर सुविधाओं की गुणवत्ता और मानकों को नीति आयोग और डीजीएचएस स्वास्थय महानिदेशालय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाता है। जिससे आयुष पद्धति को और बेहतर किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा आयुष इंश्योरेंस के लिए समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की शुरूआत की गई, जो आयुष इंश्योरेंस से जुड़ी परेशानियों को दूर करेगी, इसके लिए भविष्य में एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। इसके साथ आयुर्वेद में शिक्षा के लिए आयुर्वेविद्या डिजिटल क्लासरूम की भी शुरूआत की गई।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को बल देते हुए कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का निर्माण कर सकता है और इसमें होलेस्टिक स्वास्थ्य प्रणालियों का अहम योगदान होगा, डॉ पॉल ने आयुष को बढ़ावा देने के लिए लिंकेज बनाने और संवाद स्थापित करने की बात कही। आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेजा ने हर घर आर्युयोग को बढ़ावा देने की पहल की बात कही, और कहा कि आयुष और योग के समग्र प्रयोग से देश के लोगों को स्वस्थ रखा जा सकता है। दो दिवसीय डिपार्टमेंटल समित में आयुष को राज्यों में बढ़ावा देने और तकनीकि पहलूओं से जुड़ी समसयाओं को दूर करने के उद्देश्य से किया गया है।

मालूम हो कि 31 मार्च वर्ष 2026 में नेशनल आयुष मिशन की पांच साल पूरे होगें, जिसमें एनएएम की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी, और नये सिरे से राज्यों को फंड दिया जाएगा।

 

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