
मामूली फीस में बेहतर शिक्षा, एडमिशन सिर्फ परीक्षा के बाद
नई दिल्ली, परिमल कुमार,
भारतीय रेलवे का 137 साल पुराना बोर्डिंग स्कूल Oak Grove आज भी रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए बेहतरीन शिक्षा का केंद्र माना जाता है। उत्तराखंड के देहरादून जिले के झरीपानी में स्थित यह स्कूल तीसरी से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई की सुविधा देता है। यहां को-एजुकेशन सिस्टम है और यह देश के चुनिंदा सरकारी बोर्डिंग स्कूलों में से एक है।
इस स्कूल में दाखिला आसान नहीं है। तीसरी कक्षा से प्रवेश मिलता है, जिसके लिए बच्चे की उम्र 7 से 9 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र की गणना उस वर्ष की 31 मार्च तक मानी जाती है, जिस वर्ष प्रवेश लिया जाना है। हर साल अगस्त महीने में एडमिशन के लिए आवेदन मंगाए जाते हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर दाखिला होता है। लिखित परीक्षा में अंग्रेज़ी, गणित और सामान्य ज्ञान से सवाल पूछे जाते हैं।
फीस संरचना भी किफायती है। रेलवे कर्मचारियों को अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए सालाना लगभग 1 लाख रुपये खर्च करने होते हैं, जबकि गैर-रेलवे अभिभावकों को करीब 2 लाख 10 हजार रुपये सालाना शुल्क देना होता है।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है और इच्छुक अभिभावक विस्तृत जानकारी स्कूल की वेबसाइट oakgrovejharipani.in से प्राप्त कर सकते हैं।
लेखक Kiddocracy के संस्थापक हैं

Parimal Kumar, Senior Journalist