
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और सेंटर फॉर आयुर्वेद एजुकेशन, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी के बीच समझौता
नई दिल्ली,
आर्टिफिजिएल इंटेलिजेंस और आयुर्वेद के अद्भुत समन्वय को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और सेंटर फॉर आयुर्वेद, एजुकेशन, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी के बीच मंगलवार को एक ऐतिहासिल समझौता किया गया। समझौता पत्र पर हस्ताक्षर डिजिटल स्वास्थ्य में मील का पत्थर साबित होगा। इस साझेदारी का उद्देश्य आयुर्वेद में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार को बढ़ावा देना है।
समारोह का आयोजन बृहस्पति देव त्रिगुणा ऑडिटोरियम में किया गया। स्वागत भाषण मं कौमारभृत्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ महापात्र अरूण कुमार द्वारा दिया गया, जिसके बाद सीएवाईईआईटी के मुख्य शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी श्री अविरल अपूर्व ने समझौते के उद्देश्यों की जानकारी दी। एआईआईए के निदेशक प्रो वैद्य प्रदीप कुमार प्रजापति ने अपने संबोधन में का कि सीएवाईईआईटी की तकनीकी विशेषता और एआईआईए की क्लिनिकल उत्कृष्टता का यह संगम आयुर्वेद को निश्चित वैश्विक स्वास्थ्य क्रांति में सबसे आगे रखेगा।
संस्थान के निदेशक के साथ मंच पर डीन रिसर्च एवं विभागाध्यक्ष कौमारभृत्य प्रो राजगोपाल एस और डीन आयुर्वेद संकाय दिल्ली विश्वविद्यालय एवं विभागाध्यक्ष शालाक्य या सर्जरी, प्रो मंजुला राजगोपाल भी उपस्थित थे। इस अवसर पर एआईआईए के पूर्व निदेशक प्रो अभिमन्यु कुमार ने आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा बताया कि कैसे नेटवर्क फार्माकोलॉजी और बिग डेटा जैसे उपकरणों के माध्यम से आयुर्वेद सिद्धांतों के लिए वैश्विक साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं।