‘टैलेंट शो’ में न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग

As an emotional celebration of courage, progress, and infinite possibilities, Growing Stars Child Development Center organized a special talent show for neurodivergent children on the occasion of World Autism Awareness Day.

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर एक विशेष टैलेंट शो आयोजित

नई दिल्ली
साहस, प्रगति और असीम संभावनाओं के एक भावनात्मक उत्सव के रूप में, ग्रोइंग स्टार्स चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर ने World Autism Awareness Day के अवसर पर न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों के लिए एक विशेष टैलेंट शो का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में ऑटिज़्म, एडीएचडी, लर्निंग डिसऑर्डर, सेंसरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर, न्यूरो डेवलपमेंटल डिले, ग्लोबल डेवलपमेंटल डिले तथा अन्य न्यूरोडायवर्जेंट स्थितियों से जूझ रहे बच्चों ने भाग लिया। उन्हें गायन, संगीत, नृत्य, पब्लिक स्पीकिंग और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया गया, जिसने सामाजिक धारणाओं को तोड़ते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का माहौल खुशी और भावनाओं से भर गया, जब कई बच्चों ने, जिन्होंने कभी विकासात्मक चुनौतियों का सामना किया था, पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति दी। विशेष रूप से केंद्र के पूर्व छात्र—हरिणी, वेधान्या, विधि, स्वेज और विशेष अतिथि गायक देवांश चंद्र— प्रस्तुतियाँ बेहद प्रेरणादायक रहीं, जिन्होंने निरंतर थेरेपी और सहयोग से आए अपने अद्भुत बदलाव को प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर प्रतिष्ठित अतिथियों में डॉ. बंदना सेनापति (ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, बाल रोग विभाग, जिपमर अस्पताल, पुडुचेरी), डॉ. नाज़िया अली (सहायक प्रोफेसर, ऑक्यूपेशनल थेरेपी विभाग, जामिया हमदर्द) और डॉ. संतोष कुमार (एमओटीएच, पीएचडी, निदेशक, चेतना फाउंडेशन) शामिल रहे, जिन्होंने केंद्र और बच्चों के प्रयासों की सराहना की।

डॉबंदना सेनापति ने कहा:“समय पर हस्तक्षेप और सही थेरेपी जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। आज हमने जो देखा, वह सिर्फ प्रतिभा नहीं बल्कि दृढ़ता, प्रगति और विश्वास की शक्ति है।” डॉनाज़िया अली ने कहा: ऐसे कार्यक्रम समाज की सोच बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। न्यूरोडायवर्जेंट बच्चे सीमित नहीं होते, वे सिर्फ दुनिया को अलग तरीके से अनुभव करते हैं—और आज उन्होंने इसे खूबसूरती से साबित किया।” डॉसंतोष कुमार ने कहा“समावेशन की शुरुआत स्वीकार्यता से होती है। ऐसे मंच बच्चों को आत्मविश्वास देने और समाज में सशक्त बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं।”

समावेशन की एक सोच

इस अवसर पर ग्रोइंग स्टार्स चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर की संस्थापक दीपा गौतम ने कहा: “हर बच्चा अनोखा है और हर बच्चे को चमकने का अवसर मिलना चाहिए। यह टैलेंट शो सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहस, प्रगति और संभावनाओं का उत्सव है। हमारा उद्देश्य बच्चों को सशक्त बनाना और परिवारों का सहयोग करना है, ताकि कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए। आज इन बच्चों ने हमें दिखा दिया कि सही मार्गदर्शन और प्यार के साथ कुछ भी असंभव नहीं है।”       इस तरह की पहलों के माध्यम से, ग्रोइंग स्टार्स चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर निरंतर जागरूकता बढ़ाने और न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों एवं उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्यरत है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *