दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना पर सवाल, पैनल अस्पताल ने DGEHS को लिखा पत्र, 2022 से भुगतान लंबित

Questions on Delhi government's health scheme: Panel hospital writes to DGEHS, payments pending since 2022
Questions on Delhi government’s health scheme: Panel hospital writes to DGEHS, payments pending since 2022  Note AI Generated symbolic image.

मानव अस्पताल का दावा- 2022 से नहीं मिला कैशलेस इलाज का भुगतान, पेंशनर्स की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

दिल्ली सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली दिल्ली गवर्नमेंट एम्प्लॉइज हेल्थ स्कीम (DG-EHS) के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को भुगतान में कथित देरी का मामला सामने आया है। गाजियाबाद स्थित मानव अस्पताल ने डीजीईएचएस को पत्र लिखकर दावा किया है कि वर्ष 2022 से अस्पताल को कैशलेस इलाज से संबंधित भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि लंबित भुगतान के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है और इसका सीधा असर पेंशनर्स के इलाज पर पड़ सकता है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मानव अस्पताल लंबे समय से दिल्ली सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल का दावा है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग पर उसका लगभग 65 लाख रुपये बकाया है, जिसके भुगतान को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

अस्पताल के जनरल मैनेजर अनुज शर्मा ने बताया कि भुगतान लंबित रहने के बावजूद अस्पताल अब तक मरीजों को सेवाएं देता रहा है, लेकिन दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो अस्पताल के लिए पूर्व की तरह कैशलेस सुविधाएं जारी रखना कठिन हो सकता है।

मानव अस्पताल द्वारा 27 मई 2026 को डीजीईएचएस निदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2022 से कोई भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि भुगतान न मिलने के बावजूद अस्पताल डीजीईएचएस लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराता रहा है, लेकिन वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच, कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों का कहना है कि कुछ अस्पतालों में उपचार और स्वीकृति प्रक्रियाओं को लेकर कठिनाइयां बढ़ी हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं है कि कितने अस्पताल भुगतान लंबित होने से प्रभावित हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि पैनल अस्पतालों के भुगतान समय पर नहीं किए जाते हैं तो इसका असर सबसे अधिक वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स पर पड़ता है, जो सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। इस पूरे मामले में दिल्ली सरकार और डीजीईएचएस का पक्ष जानने के लिए अतिरिक्त निदेशक (डीजीईएचएस) डॉ. सुषमा जैन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।

यदि अस्पतालों के दावे सही हैं तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों को निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए तंत्र में वित्तीय अड़चनें क्यों पैदा हो रही हैं और इनका समाधान कब तक होगा? हालांकि दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू रूप से संचालित होने की बात की पुष्टि होती है, इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी मिलती है कि गाजियाबाद का मानव अस्पताल अभी भी पैनल में जुड़ा हुआ लेकिन इन सब खामियों के बीच विशेष रूप से Dसीनियर सिटिजन का इलाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *