
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक हाल ही में पद्म भूषण सम्मान ग्रहण करने पहुंचीं। समारोह के दौरान उनके मंच तक धीरे-धीरे पहुंचने और सहारे की आवश्यकता वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद उनके प्रशंसकों के मन में एक ही सवाल उठने लगा, आखिर अलका याग्निक को क्या हुआ है?
दरअसल, अलका याग्निक पिछले लगभग दो वर्षों से सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss – SNHL) नामक एक दुर्लभ श्रवण विकार यानि सुनने संबंधित समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने पहले बताया था कि एक वायरल संक्रमण के बाद अचानक उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई थी। इसी वजह से उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और नए गायन प्रोजेक्ट्स से दूरी बना ली थी। हाल ही में उन्होंने कहा कि वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने की कोशिश कर रही हैं।
क्या है सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL)?
जाने माने ईएनटी विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ जेएम हंस ने बताया कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें भीतरी कान (Inner Ear) या कान से मस्तिष्क तक ध्वनि पहुंचाने वाली श्रवण तंत्रिका (Auditory Nerve) क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसके कारण व्यक्ति को सुनने में कठिनाई होने लगती है।
किन कारणों से हो सकती है यह समस्या?
- वायरल संक्रमण
- अत्यधिक तेज आवाज के लंबे समय तक संपर्क में रहना
- बढ़ती उम्र
- सिर में चोट
- कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव
कान में लगातार घंटी की आवाज इसके प्रमुख लक्षण
- अचानक या धीरे-धीरे सुनाई देना कम होना
- कानों में लगातार घंटी या सीटी जैसी आवाज (Tinnitus)
- शोर वाले वातावरण में बातचीत समझने में कठिनाई
- कभी-कभी चक्कर या संतुलन बिगड़ना
क्या इस इस बीमारी का इलाज, क्या संभव है इलाज?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि अचानक सुनाई देना बंद हो जाए तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है और तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज शुरू होने से कुछ मरीजों में सुधार की संभावना बढ़ जाती है। लंबे समय तक रहने वाले मामलों में उपचार का परिणाम कारण और क्षति की गंभीरता पर निर्भर करता है। आवश्यकता पड़ने पर हियरिंग एड या कॉक्लियर इम्प्लांट जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं।
अलका याग्निक ने लोगों को क्या सलाह दी?
अलका याग्निक ने पहले भी युवाओं से अपील की थी कि वे लंबे समय तक तेज आवाज में हेडफोन या ईयरफोन का उपयोग करने से बचें और अपनी सुनने की क्षमता की सुरक्षा करें।
सेहत365 की तरफ से स्वास्थ्य संदेश
किसी भी व्यक्ति को यदि अचानक सुनाई देना कम हो जाए या कानों में लगातार आवाज आने लगे, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से सुनने की क्षमता को बचाने की संभावना बढ़ सकती है।