मानसून डाइट: बरसात में क्या खाएं और किन चीज़ों से करें परहेज़, ताकि पेट रहे सुरक्षित

Monsoon Diet: What to eat and what to avoid during the rains to keep your stomach safe
Monsoon Diet: What to eat and what to avoid during the rains to keep your stomach safe

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

बरसात का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं यह पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। बारिश के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। दूषित भोजन और असुरक्षित पानी के सेवन से फूड पॉइजनिंग, डायरिया, टाइफाइड, हैजा, हेपेटाइटिस-ए और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस मौसम में खानपान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए तो इन संक्रमणों से काफी हद तक बचाव संभव है। आइए जानते हैं कि मानसून में किन खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में शामिल करें और किनसे दूरी बनाए रखें।

मानसून में क्या खाएं?

1. ताजा और घर का बना भोजन

बारिश के मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और घर का बना भोजन करें। लंबे समय तक रखा हुआ या बार-बार गर्म किया गया भोजन खाने से बचें। फ्रिज में कई दिनों तक रखा भोजन भी इस मौसम में पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि अधिक नमी बैक्टीरिया की वृद्धि को बढ़ावा देती है।

2. मौसमी और हल्की सब्जियां

लौकी, तोरी, टिंडा, परवल, कद्दू और करेला जैसी सब्जियां आसानी से पचती हैं और शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करती हैं।

आयुर्वेदाचार्य डॉ. आर.एम. पराशर के अनुसार, मानसून में भिंडी, अरबी जैसी अधिक स्टार्च वाली सब्जियों का सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए, क्योंकि ऋतु परिवर्तन के दौरान वात, पित्त और कफ का संतुलन प्रभावित हो सकता है।

3. विटामिन-सी से भरपूर फल

अमरूद, अनार, सेब, नाशपाती और पपीता रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं। बारिश के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले कटे हुए फल या फ्रूट चाट खाने से बचें, क्योंकि इनमें संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया पनप सकते हैं।

4. दही और प्रोबायोटिक्स

यदि किसी चिकित्सकीय कारण से मनाही न हो तो दही, छाछ और अन्य प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।

5. इम्यूनिटी बढ़ाने वाले मसाले

अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, लहसुन और जीरा जैसे मसालों में प्राकृतिक रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल करना लाभदायक हो सकता है।

6. पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित पानी

बारिश के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त पानी की आवश्यकता रहती है। हमेशा उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ या सुरक्षित पैक्ड पानी ही पिएं।

मानसून में किन चीजों से बचें?

  • सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे, चाट, कटे फल और खुली चटनियों का सेवन न करें।
  • बासी या बार-बार गर्म किया गया भोजन खाने से बचें।
  • पालक, मेथी और सलाद पत्ता जैसी पत्तेदार सब्जियों को बिना अच्छी तरह धोए और पकाए न खाएं।
  • अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन सीमित मात्रा में लें, क्योंकि इससे अपच और एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।
  • कच्चा या अधपका मांस तथा समुद्री भोजन खाने से बचें। इन्हें हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाएं।

मानसून में अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

  • भोजन बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ अवश्य धोएं।
  • फल और सब्जियों को अच्छी तरह साफ करके ही उपयोग करें।
  • केवल सुरक्षित और स्वच्छ पानी का सेवन करें।
  • भोजन को हमेशा ढककर रखें ताकि मक्खियां और अन्य कीट उस पर न बैठ सकें।
  • बाहर खाने की अपेक्षा घर का ताजा भोजन प्राथमिकता दें।
  • बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों के खानपान पर विशेष ध्यान दें।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

यदि लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, मल में खून या शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।

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मानसून का आनंद तभी लिया जा सकता है जब खानपान के साथ-साथ स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। संतुलित आहार, सुरक्षित पेयजल, साफ-सफाई और ताजा भोजन न केवल पेट के संक्रमण से बचाते हैं, बल्कि पूरे परिवार की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। सावधानी ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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