पैलेट गन इंजरी: शरीर पर प्रभाव, मेडिकल साइंस क्या कहती है?

Pellet Gun Injury: Effects on the Body, What Medical Science Says?
Pellet Gun Injury: Effects on the Body, What Medical Science Says?

 

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

नीट यूजी पेपर लीक मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा 20 जुलाई को किए गए संसद चलो मार्च में पैलेट गन का प्रयोग हुआ या नहीं इस बात पर अभी पुलिस सहमत नहीं हुई है, बावजूद इसके लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवक को पैलेट गन इंजरी होने की पुष्टि की गई, जिनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। आइए इस खबर में जानते हैं क्या है पैलेट गन, यदि इसका प्रयोग किया जाए तो शरीर के किन किन अंगों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

पैलेट गन (Pellet Gun) को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए “Less-Lethal Weapon” यानी अपेक्षाकृत कम घातक हथियार माना जाता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान और पिछले वर्षों के अनेक शोध बताते हैं कि यह “Non-Lethal” (पूरी तरह गैर-घातक) नहीं है। यदि पैलेट शरीर के संवेदनशील अंगों, विशेषकर आंख, सिर, गर्दन या छाती पर लगें, तो ये स्थायी विकलांगता, अंग क्षति और कुछ मामलों में मृत्यु तक का कारण बन सकते हैं।

पैलेट गन क्या होती है?

पैलेट गन एक ऐसी बंदूक होती है जिससे एक साथ दर्जनों या सैकड़ों छोटे धातु के छर्रे (Pellets) निकलते हैं। भीड़ नियंत्रण के दौरान इनका उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इनका उद्देश्य किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं बल्कि भीड़ को तितर-बितर करना होता है। लेकिन छर्रों का फैलाव अनियंत्रित होता है, जिससे गंभीर चोटों का जोखिम बढ़ जाता है।

शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  1. आंखों की चोट (सबसे गंभीर) आंख पैलेट गन से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले अंगों में से एक है। इससे कॉर्निया में चोट, रेटिना फटना, आंख के भीतर रक्तस्राव, ऑप्टिक नर्व को नुकसान, स्थायी दृष्टि हानि, एक या दोनों आंखों की रोशनी चली जाना आदि हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं में प्रकाशित कई अध्ययनों में पैलेट इंजरी के बाद बड़ी संख्या में मरीजों में स्थायी दृष्टि हानि दर्ज की गई है।
  1. त्वचा एवं मांसपेशियां छर्रे त्वचा में धंस सकते हैं, जिससे शरीर पर कई छोटे-छोटे घाव, अत्यधिक दर्द, रक्तस्राव, संक्रमण, यदि छर्रे गहराई तक प्रवेश करें तो शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की आवश्यकता पड़ सकती है।
  1. हड्डियां एवं नसें  यदि पैलेट हड्डियों या नसों से टकराते हैं तो इससे फ्रैक्चर, नसों की चोट, सुन्नपन, हाथ-पैर में कमजोरी, स्थायी न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है।
  1. सिर एवं मस्तिष्क सिर पर लगने वाली पैलेट चोटें जानलेवा हो सकती हैं। खोपड़ी में चोट से मस्तिष्क में रक्तस्राव, दौरे (Seizures), बेहोशी, न्यूरोलॉजिकल विकार तथा मृत्यु तक हो सकती है।
  2. छाती और फेफड़े में यदि छर्रे छाती में प्रवेश कर जाएं तो फेफड़ों में छेद, न्यूमोथोरैक्स (फेफड़े का बैठ जाना) रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई सहित गंभीर मामलों में तत्काल सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
  3. पेट के अंदरूनी अंग भी पैलेट से प्रभावित हो सकते हैं यकृत (Liver), प्लीहा (Spleen) आंत, गुर्दे आदि इन अंगों में रक्तस्राव जीवन के लिए खतरा बन सकता है।
  4. मानसिक स्वास्थ्य पैलेट इंजरी केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक प्रभाव भी छोड़ सकती है। अनेक मरीजों में देखा गया है जिनमें पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), अवसाद, चिंता, सामाजिक अलगाव तथा आत्मविश्वास में कमी देखी गई।

क्या शरीर में फंसे पैलेट निकालना जरूरी होता है?

सभी मामलों में पैलेट गन को शरीर से बाहर निकालना जरूरी नहीं होता है। चिकित्सक इस बात का निर्णय इस आधार पर लेते हैं कि पैलेट गन मरीज के किस अंग में है, संक्रमण का खतरा अधिक तो नहीं है, इसके साथ ही नस या फिर रक्त वाहिका के पास पैलेट गन नुकसानदायक हो सकती है। हर मामले में नहीं। यदि मरीज को इस इंजरी से किसी तरह का दर्द या कार्यात्मक समस्या नहीं होती है तो इसके शरीर में ही रहने दिया जाता है।

क्या सीसे (Lead) का खतरा भी होता है?

यदि पैलेट सीसे (Lead) से बने हों और लंबे समय तक शरीर में रहें, तो कुछ मामलों में रक्त में सीसे का स्तर बढ़ सकता है। जिसका संभावित असर तंत्रिका तंत्र, किडनी पर प्रभाव इसके साथ ही बच्चे व गर्भवती महिलाओं को इससे अधिक जोखिम हो सकता है।

मेडिकल साइंस क्या कहती है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित कई अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा विशेषज्ञों का मत है कि भीड़ नियंत्रण में प्रयुक्त कम-घातक हथियार भी गंभीर चोट, स्थायी विकलांगता और मृत्यु का कारण बन सकते हैं। चिकित्सा साहित्य विशेष रूप से आंख, सिर, गर्दन और छाती पर ऐसे हथियारों के प्रयोग को अत्यधिक जोखिमपूर्ण मानता है। प्रमुख मेडिकल जर्नलों—जैसे The Lancet, BMJ, JAMA तथा Ophthalmology—में प्रकाशित अध्ययनों ने पैलेट इंजरी के दीर्घकालिक शारीरिक और मानसिक प्रभावों का दस्तावेजीकरण किया है।

निष्कर्ष

पैलेट गन को “कम घातक” हथियार कहा जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान स्पष्ट करता है कि यह “सुरक्षित” हथियार नहीं है। इससे होने वाली चोटें साधारण त्वचा घाव से लेकर स्थायी अंधापन, मस्तिष्क क्षति, आंतरिक अंगों की गंभीर चोट और दीर्घकालिक मानसिक आघात तक हो सकती हैं। इसलिए किसी भी पैलेट इंजरी को चिकित्सकीय आपातस्थिति मानते हुए तत्काल विशेषज्ञ जांच और उपचार आवश्यक है।

 

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