ब्लैडर की जटिल बीमारी का अब बेहतर पता चलेगा, सफदरजंग में देश की अनूठी डायग्नोस्टिक सुविधा शुरू

Centre for Advanced Bladder Diagnostics integrates Video Urodynamics (VUDS) with Near Infrared Spectroscopy (NIRS) -based brain mapping; first such approach being attempted in India

Centre for Advanced Bladder Diagnostics integrates Video Urodynamics (VUDS) with Near Infrared Spectroscopy (NIRS) -based brain mapping; first such approach being attempted in India

Safdarjung Hospital में शुरू हुई PET-CT, SPECT-CT और Advanced Bladder Diagnostics सुविधा, 5,600 मरीजों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली, सेहत संवाददाता

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में मरीजों के लिए कई अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें यूरोलॉजी विभाग का ‘सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स’ तथा न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में PET-CT और SPECT-CT सुविधाएं शामिल हैं। इन नई सेवाओं से हर साल करीब 5,600 मरीजों को किफायती दर पर उन्नत जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ब्लैडर की बीमारी का कारण पता लगाने में मिलेगी मदद

‘सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स’ को वीडियो यूरोडायनामिक्स (VUDS) और नियर इंफ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (NIRS) तकनीक के एकीकरण के साथ स्थापित किया गया है। अस्पताल के अनुसार, भारत में इस तरह VUDS को NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग के साथ जोड़ने का यह पहला प्रयास है।

VUDS के जरिए मूत्राशय के भरने और खाली होने के दौरान उसके कामकाज का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा। वहीं NIRS तकनीक के माध्यम से इसी प्रक्रिया के दौरान मस्तिष्क में रक्त के ऑक्सीजन स्तर में होने वाले बदलावों को देखा जा सकेगा।

इससे डॉक्टरों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि मरीज की ब्लैडर संबंधी समस्या मूत्राशय की खराबी, न्यूरोलॉजिकल समस्या या दोनों के संयुक्त प्रभाव के कारण है। खासतौर पर जटिल और न्यूरोलॉजिकल स्थितियों से जुड़े मरीजों की जांच में यह सुविधा उपयोगी होगी। इस केंद्र से सालाना करीब 5,000 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कैंसर की जांच और इलाज की योजना में PET-CT अहम

न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में शुरू की गई PET-CT सुविधा कैंसर की पहचान, बीमारी की स्टेजिंग, इलाज की योजना बनाने और उपचार के बाद फॉलो-अप में मदद करेगी। इसके जरिए मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी जैसे विभागों में मरीजों के मल्टी-डिसिप्लिनरी इलाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

वहीं SPECT-CT के जरिए हृदय, किडनी, एंडोक्राइन, ऑर्थोपेडिक और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से जुड़ी विभिन्न स्थितियों की जांच को मजबूती मिलेगी। अस्पताल को उम्मीद है कि PET-CT और SPECT-CT जैसी उन्नत न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं से हर साल करीब 600-700 मरीजों को लाभ मिलेगा।

परियोजनाओं की समय पर निगरानी के निर्देश

अपने दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सफदरजंग अस्पताल के हार्ट कमांड सेंटर और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सेवाओं तथा गतिविधियों की समीक्षा की। अस्पताल की चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमित निरीक्षण और प्रगति की निगरानी पर जोर दिया।

नड्डा ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए व्यावहारिक और हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्य और समयसीमा निर्धारित करने की जरूरत बताई। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल की वर्षों में बनी विशिष्ट पहचान और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उसके योगदान की भी सराहना की।

नई सुविधाओं के शुरू होने से सफदरजंग अस्पताल में जटिल बीमारियों की जांच और इलाज की योजना को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इन सुविधाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मरीजों को भी किफायती दर पर मिल सकेगा। अत्याधुनिक जांच सुविधाएं पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण और विशेषज्ञता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

 

 

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