
- फाइबर से भरपूर सब्जी टिंडा कब्ज को रोकने में मदद करता है
नई दिल्ली, सेहत संवाददाता
गर्मी में अकसर ऐसी सब्जियों की बाजार में बहुतायत होती है, जिसको देखकर बच्चे क्या बड़ें भी नाक भौहें चढ़ाने लगते हैं, इसमें टिंडा, लौकी, तोरई आदि शामिल हैं, लेकिन इन सब्जियों के यदि आपको स्वास्थ्य लाभ यानि हेल्थ बेनिफिट्स पता चल जाएं तो अगली बार टिंडा बनने पर आप मुंह टेढ़ा नहीं करेगें।
टिंडा को अंग्रेजी में एप्पल गावर्ड भी कहते हैं, आहार विशेषज्ञों की मानें तो गर्मी की सीजनल सब्जियां पेट को ठंडा रखने में बेहद कारगर है, टिंडा में भरपूर मात्रा में पानी होता है, इसलिए यह तुरंत डाइजेस्ट यानि हजम हो जाता है, इसके साथ ही यह कब्ज दूर करने में भी सहायक है। अब क्योंकि इसकी तासीर ठंडी है, इसलिए यह शरीर को डिहाइड्रेट रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, जिसकी वजह से किडनी को अपना काम करने में आसानी होती है, किडनी शरीर से विषैले पद्धार्थों को शरीर से बाहर करती हैं, डिहाइट्रेड बॉडी में इस काम को करने में किडनी को आसानी होती है। टिंडा वजन कम करने में भी सहायक है, क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्र बहुत कम होती है। टिंडा में क्योंकि ग्लाइसिमिक इंडेक्स बहुत लो होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखता है। टिंडे में मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है, इसलिए यह हार्ट हेल्थ के लिए भी कारगर है। विटामित सी और एंटीऑसि्टेंड मौजूद होने की वजह से यह इम्यूनिटी को भी बेहतर रखता है। यह पेट में बनने वाली एसिडिटी और ब्लोटिंग को भी कम करने में सहायक है।
कई पोषक तत्वों से भरपूर टिंडें का इस्तेमाल कई बार लोग गॉल ब्लेडर का स्टोन ठीक करने के लिए भी कहते हैं, लेकिन इस पर विशेषज्ञों की पृथक राय है, लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के आहार विभाग की पूर्व प्रमुख डॉ किरन दीवान कहती हें कि किसी भी सब्जी या फल को किसी भी बीमारी को पूरी तरह ठीक करने में जिम्मेदार नहीं कहा जा सकता, सिम्टमेटिक इलाज में इसका प्रयोग पारंपिक इलाज के साथ या चिकित्सक की सलाह के बाद किया जा सकता है।