
नई दिल्ली
यदि व्यक्ति संतुतिल भोजन लेने के साथ शारीरिक व्यायाम और पर्याप्त नींद को अपनी जीवनशैली में शामिल करे तो वह बीमारियों से बच सकता है। यह बातें केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह नई दिल्ली में आईएलबीएस द्वारा विश्व लिवर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
अमित शाह ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहा कि मई 2020 से लेकर आज तक अपने जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया। आवश्यक मात्रा में नींद, पानी, आहार और नियमित व्यायाम ने उनको बहुत कुछ दिया है। अमित शाह ने कहा कि आज भी वो किसी भी तरह की दवा और इंसुलिन नहीं लेते है। इस मौके पर आईएलबीएस की स्वस्थ यकृत शिक्षा और शराब से होने वाली यकृत रोग की रोकथाम योजना का शुभारम्भ करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह पहल यकृत को स्वस्थ रखने के प्रति देश में जागरूकता फैलाने में सफल होगी। श्री शाह ने कहा कि हमारे वेदों में कहा गया है कि आहार ही औषधि है और आज इस थीम को स्वीकार कर पूरा विश्व आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2025 तक 11 साल में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने हॉलिस्टिक दृष्टिकोण के साथ देश के नागरिकों को स्वस्थ बनाने के अनेक कार्यक्रम चलाए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय एक ऐसी पद्धति विकसित करने का काम कर रहा है जिससे हम बीमार ही न हों। श्री शाह ने कहा कि आज बड़े-बड़े एलोपैथिक अस्पताल भी अपने यहां आयुष का विंग खोल रहे हैं। विश्व योग दिवस की कल्पना में ही व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को समाहित किया गया था। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज लिवर डे पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि देश में किसी को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आईएलबीएस की प्रशंसा की और कहा कि यह संस्थान न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी लिवर बीमारियों के इलाज के लिए एक मान्यता प्राप्त केंद्र बन चुका है। आईएलबीएस के निदेशक प्रो. एस.के. सरीन ने जीवनशैली शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक रोकथाम की आवश्यकता पर जोर दिया।

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